शिकायतकर्ता ने बयान में कहा कि उसकी शादी महिला से 2015 में हुई थी और यह उन दोनों की दूसरी शादी थी। शादी के बाद शिकायतकर्ता बंगलुरु में रहने लगा। जबकि उसकी पत्नी मायके घर पर ही रहती थी। 2016 में उसकी पत्नी ने लड़के को जन्म दिया। जन्म के बाद से ही उसे उसके बेटे से मिलने नहीं दिया गया।
जब भी वह पत्नी से वीडियो कॉल पर बात करता तो वह बेटे से उसके सामने ही अश्लील हरकतें करती। उसने कोर्ट में यह भी बयान दिया कि उसकी पत्नी बेटे के साथ अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करती थी। इसके वीडियो उसने कोर्ट में संलग्न किए थे, जिसके आधार पर डेराबस्सी कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पोक्सो एक्ट के मामले में मां के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
साथ ही डीएसपी स्तर के अधिकारी इसकी जांच करेंगे। एसएचओ गुरचरन सिंह ने कहा कि माननीय अदालत के आदेशों पर आरोपी महिला के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।