दरवाजे पर इंतजार करते वकील व जिला पुलिस।
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नयागांव। गांव गुड़ा मेें जमीनी विवाद के मामले में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने प्रॉपर्टी डीलर के यहां छापा मारा। टीम ने स्थानीय पुलिस व वकील तक को अंदर नहीं जाने दिया। सरपंच के पति व नंबरदार टीम के साथ रहे। टीम काफी दस्तावेज अपने साथ ले गई है।
मुल्लांपुर के नजदीक गांव गुड़ा में प्रॉपर्टी डीलर श्यामलाल के घर ईडी की टीम लगभग 8 घंटे जांच करती रही। कार्रवाई सुबह 7:00 बजे से दोपहर 3:45 तक चली। टीम ने अपने साथ गांव की महिला सरपंच के पति कृष्ण कुमार एवं नंबरदार नायब चंद्र को साथ रखा। टीम ने घर में उपस्थित सभी लोगों के फोन अपने कब्जे में ले लिए। आरोपी के वकील ने बताया कि सूचना मिलते ही वह पहुंच गया था, लेकिन टीम ने अंदर नहीं जाने दिया। न छानबीन के बारे में कुछ बताया। इस पर वकील ने मुल्लांपुर पुलिस को फोन पर शिकायत दी। मुल्लांपुर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन उसे भी अंदर नहीं जाने दिया गया। ईडी की टीम अपने साथ कुछ दस्तावेज लेकर आई थी और अपनी छानबीन में श्यामलाल के घर से संपत्ति के अलावा एक ट्रैक्टर के दस्तावेज साथ ले गई।
उल्लेखनीय है कि ब्लाक माजरी के अधीन आते गांव श्योक एवं उसके आसपास के गांव की शामलात जमीन के असली मालिकों के जाली हस्ताक्षर कर जमीन का इंतकाल कुछ अन्य लोगों के नाम कर दिया गया था। इस पर इलाके के लोगों ने तत्कालीन नायब तहसीलदार वरिंदर सिंह धूत, पटवारी इकबाल सिंह, कानूनगो रघुवीर सिंह, पर आरोप लगाए थे कि इन अधिकारियों ने कुछ प्रॉपर्टी डीलर के साथ मिलकर जमीन की हेराफेरी की है। इसकी जांच पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने की और 3 अप्रैल 2020 को उक्त अधिकारियों सहित 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था, जिसमें श्यामलाल को भी आरोपी बनाया गया था। विजिलेंस की टीम ने इन लोगों को गिरफ्तार कर आगे की जांच की थी। आरोपी श्यामलाल कुछ समय पहले ही जमानत पर बाहर आया है।
मौके पर नहीं था आरोपी
ईडी की कार्रवाई के दौरान मौके पर श्यामलाल उपस्थित नहीं था। बताया जा रहा है कि वह रविवार शाम से ही घर से बाहर है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह तीन गाड़ियां में टीम के सदस्य आए थे लेकिन एक गाड़ी कुछ समय पश्चात ही चली गई थी। चर्चा थी कि वह श्यामलाल के किसी दूसरे ठिकाने पर गई थी।
ईडी है स्वतंत्र जांच एजेंसी: डीएसपी
मुल्लांपुर डीएसपी बिक्रमजीत सिंह का कहना है कि ईडी, सीबीआई स्वतंत्र जांच एजेंसी हैं इनको इलाके की पुलिस को सूचना देने की कोई जरूरत नहीं है। मामले मे अधिक जानकारी संबंधित जांच एजेंसी के अधिकारी ही दे सकते हैं। ईडी की टीम ने छापे को लेकर कोई जानकारी नहीं दी।