पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर हुए आरपीजी हमले के नाबालिग आरोपी की जान को अब जान का खतरा बना हुआ है क्योंकि पाकिस्तान में बैठा हरविंदर सिंह रिंदा उसको मरवाने की योजना पर काम कर रहा है। ऐसे इनपुट पुलिस के हाथ लगे हैं।
इसके बाद पंजाब पुलिस ने आरोपी का सुरक्षा पहरा काफी मजबूत कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक आरोपी इस हमले से जुड़ी कई चीजों को जानता है। ऐसे में रिंदा को यह डर भी सता रहा है कि नाबालिग आरोपी पुलिस रिमांड के दौरान उसके भारत में नेटवर्क की पोल न खोल दे। ऐसे में उसका नेटवर्क ध्वस्त हो सकता है।
वहीं रिमांड में आरोपी ने पुलिस को बताया है कि पुलिस खुफिया मुख्यालय पर हमला करने के लिए वह कार से नहीं आए थे, बल्कि एक मोटरसाइकिल पर आए थे। यह मोटरसाइकिल वह खुद चला रहा था, जबकि उसके पीछे बैठे दीपक ने बिल्डिंग पर आरपीजी अटैक किया था। इसके बाद वह उसे वही फेंक कर चले गए थे। हालांकि पुलिस उसकी बातों को गंभीरता से वेरिफाई करने में जुटी हुई है। क्योंकि हमले की एक रिकॉर्डिंग सामने आई थी। जिसमें सफेद रंग की कार भी दिख रही है। ऐसे में पुलिस को यह भी लग रहा है कि आरोपी जांच को उलझाने का प्रयास कर रहा है।
पुलिस इस मामले के अन्य आरोपियों को रिमांड पर लाने की तैयारी में है। जिससे गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों में चढ़त सिंह, निशान सिंह, दीपक और नाबालिग आरोपी को आमने-सामने बैठाकर इनसे पूछताछ की जा सके। जबकि पुलिस दीपक को दिल्ली जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आएगी।
नाबालिग बोला- मुझे पता नहीं था कि हमला पुलिस मुख्यालय पर करना था
पुलिस पूछताछ में नाबालिग आरोपी ने बताया है कि उसे यह पता ही नहीं था कि हमले के लिए जो यंत्र वह लेकर चले हैं। वह रॉकेट लांचर है। वहीं, उन्हें बताया गया था कि इससे किसी फ्लैट पर हमला करना है। उसे यह नहीं पता था कि यह पुलिस का दफ्तर है। उसने यह भी बताया कि उसे यह भी नहीं मालूम था कि वह आतंकवादी हमले का हिस्सा बनने जा रहा है। उसने बताया कि वह इस हमले के लिए ही यूपी से यहां तक बस में ही आया था।
बहन चाहती थी पुलिस उसे गिरफ्तार कर ले
नाबालिग आरोपी से पूछताछ में यह भी बात सामने आई है कि उसकी बहन को लगता था कि उसने अनजाने में कोई गलत काम किया है। ऐसे में वह उसे पुलिस को गिरफ्तार करवाना चाहती थी। इतना ही नहीं जब वह अपने गांव में बहन से मिलने गया था तो उसकी बहन ने इस संबंधी पुलिस को सूचित भी कर दिया था। हालांकि उसने वहां से भागकर बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई थी।
पांच दिन का और रिमांड मिला
इस मामले में आरोपी नाबालिग को सोहाना थाने की पुलिस ने सोमवार को अदालत में पेश किया। अदालत में पुलिस ने दलील दी कि अभी आरोपी से और भी कई पहलुओं को लेकर पूछताछ करनी है। ऐसे में उनको और रिमांड की जरूरत है। अदालत ने सभी तथ्यों को सुनने के बाद आरोपी का पांच दिन का रिमांड दे दिया है।
नाबालिग आरोपी का पुलिस करवाएगी चाल परीक्षण
पंजाब पुलिस के मुख्यालय पर हुए आरपीजी हमले में नाबालिग आरोपी का मोहाली पुलिस चाल परीक्षण (गेट अनालिसस) करवाने की तैयारी में है। इसके लिए पुलिस की ओर से स्टेट फारेंसिक लैब को पत्र लिखा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही यह कार्रवाई हो जाएगी। इसके पीछे पुलिस की कोशिश यह है कि पता लगाया जा सके कि हमले में उक्त आरोपी ही शामिल था। साथ ही कोर्ट में केस कमजोर न पड़े। यह पहला मौका है जब पुलिस किसी आरोपी का चाल परीक्षण करवाने जा रही है। इससे पहले विदेशों में इस तकनीक का इस्तेमाल एजेंसियां करती हैं।