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दाऊं में कम्युनिटी और स्किल सेंटर तो बनाए, सीवरेज-पानी की समस्या ने लोग सताए

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मोहाली। खरड़-चंडीगढ़ एवं नेशनल हाईवे-5 के किनारे बसे एतिहासिक गांव दाऊं को पूर्व सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा की ओर से एक आदर्श गांव बनाने के लिए गोद लिया गया था। इसके बाद गांव की स्थिति में काफी सुधार हुआ था। उनके पांच साल के कार्यकाल में गांव की वर्षों पुरानी गलियां और नालियां पक्की हो गई। सामुदायिक केंद्र से लेकर स्किल डेवलपमेंट सेंटर तक का तोहफा इस गांव के लोगों को मिला। लेकिन अब उस समय बनी सुविधाओं की उचित देखभाल नहीं की जा रही है। जबकि काफी कुछ और काम करने की जरूरत है। जिसमें पानी और सीवरेज सिस्टम की व्यवस्था और सुधार प्रमुख है। लोगों का कहना है कि गांव के विकास के इस पहिए को आगे ले जाने के लिए मौजूदा सांसद मनीष तिवारी और विधायक बलबीर सिंह सिद्धू को जिम्मेदारी निभानी होगी। जिससे इस गांव को पूरे पंजाब के लिए आदर्श गांव के तौर पर मॉडल बनाया जा सके। हालांकि राज्य सरकार की ओर से गांव में इस समय सड़क और अन्य काम करवाए जा रहे हैं।
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जानकारी के मुताबिक पूर्व सांसद प्रेम सिंह चंदूूमाजरा की ओर से एतिहासिक गांव दाऊं को एक आदर्श गांव के तौर पर विकसित करने के लिए गोद लिया गया था। इसके बाद गांव में विकास का पहिया घूमना शुरू हुआ था। सबसे पहले गांव के तालाब में एक सामुदायिक केंद्र बनाया गया। जिससे लोगों को छोटे-मोटे समागम करने में फायदा मिला। इसके बाद कई साल पहले बनी पुरानी गली नालियां नई बनाई गई। इतना ही नहीं उन्होंने सुविधा केंद्र तक बनाया था। लेकिन गांवों वालों की मानें तो अब यह सक सुविधाएं बंद हो गई हैं। इसके अलावा बैंक से लेकर स्किल डेवलपमेंट की सुविधा भी मिली थी। जबकि गांव के किसानों को जागरूक करने के लिए यूनिवर्सिटी के कृषि विशेषज्ञ समय पर आते थे। इतना ही नहीं गांव में लोगों को उचित सेहत सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए बाकायदा हफ्ते में एक मोबाइल हेल्थ बस आती थी। लेकिन अब सब पर ब्रेक लग चुकी है। ऐसे में लोगों को दिक्कत उठानी पड़ती है।
क्या कहते हैं लोग
पानी और सीवरेज सिस्टम की व्यवस्था जरूरी
गांव में पूर्व सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने काफी काम करवाया है। कई प्रोजेक्ट उनके समय में शुरू हुए। जिससे गांव को काफी फायदा हुआ। हालांकि गांव में सीवरेज सिस्टम विकसित करने की जरूरत है। पीने के पानी की दिक्कत को दूर करने की दिशा में काम किया जाना चाहिए। विधायक बलबीर सिंह सिद्धू भी काम करवा रहे हैं। लोगों के हितों को ध्यान में रखकर काम करवाए जाने चाहिएं। - सतनाम दाऊं, समाजेसवी।
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सफाई व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत
गांव दाऊं में सफाई व्यवस्था की तरफ ध्यान देने की अहम जरूरत है। इसके अलावा जिस जगह सामुदायिक केंद्र बनाया गया है। उस तालाब के पास जो जगह बची है, उसमें पार्क बनाकर विकसित किया जाना चाहिए। साथ ही गांव के आगे से गुजरती सड़क पर बने फ्लाईओवर पर लोगों को सीधा रास्ता दिया जाना चाहिए। लोगों को खरड़ जाने के लिए पूरे इलाके का चक्कर काटना पड़ता है। - कुलजीत सिंह, गांव निवासी दाऊं।
सांसद नहीं विधायक करवा रहे विकास कार्य
गांव दाऊं को भले ही प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने गोद लिया था, लेकिन इसे संवारने की जिम्मेदारी विधायक बलबीर सिंह सिद्धू निभा रहे हैं। वे ही विकास कार्य करवा रहे हैं। पूर्व सांसद ने तालाब में सामुदायिक केंद्र बना दिया है और इसकी वजह से इसका इस्तेमाल तक नहीं हो रहा है। जहां तक गांव की सड़क को विधायक बना रहे हैं, इसके अलावा गांव दाऊं समेत 20 गांवों को फ्लाईओवर तक जाने के लिए सीधा रास्ता तक नहीं है। जबकि इसके लिए भी सांसद ने उस समय कुछ नहीं किया था। एक निजी कॉलोनी को रास्ता दिया दिया गया है। - अजमेर सिंह, सरपंच गांव दाऊं।
गांव पर खर्च हो रहा 90 फीसदी पैसा केंद्र का
प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने 2014 में गांव दाऊं को गोद लिया था। इसके बाद जनवरी में कई राज्य के करीब 15 आईएएस अधिकारियों ने गांव का दौरा किया और साथ ही गांव का सर्वे किया गया था। उस समय गांव में नाली या गली तक नहीं थी। इसके बाद विलेज डेवलपमेंट कार्यक्रम के तहत 20 प्वाइंट बनाकर गांव के विकास के लिए काम किए थे। इनमें से बैंक, सुविधा केंद्र, पंचायत घर और स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाया गया। इसके अलावा कई अन्य सुविधाएं गांव को मिली हैं। अब भी गांव पर लग रहा 90 फीसदी पैसा केंद्र सरकार से आ रहा है। जरूरत है बस इस पैसे का सही इस्तेमाल करने की, जिससे गांव के लोगों को सही फायदा मिल पाए।
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- अवतार सिंह गोसल, गांव दाऊं के पूर्व सरपंच।
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