सिलिंडर जमीन में दबाने के बाद पानी मारती टीम
शहर से सटे गांव बलौंगी में उस समय भगदड़ मच गई, जब पानी की टंकी के नजदीक रखा एक दस किलो क्लोरीन के सिलिंडर में अचानक बलॉस्ट हो गया। ब्लॉस्ट होते ही सिलिंडर से गैस का रिसाव इतनी तेजी से हुआ कि देखते ही देखते पूरे इलाके में तेजी गैस करीब पांच किलोमीटर तक फैल गई।
इससे पूरे इलाके में भगदड़ मच गई और लोग अपने घरों से निकलकर बाहर सड़कों पर दौड़ने लगे। यह मंजर बड़ा भयावह था और गैस की बदबू की चपेट में आकर करीब 80 लोगों की तबीयत खराब हो गई। इतना ही नहीं गैस की चपेट में बलौंगी पुलिस थाने के जवान भी आ गए। फायर ब्रिगेड की टीम ने देर रात तक बचाव राहत कार्य जारी रखा।
वहीं, फायर अफसर अरुण कुमार और पुलिस मुलाजिम विश्वजीत भी उन लोगों में शामिल हैं, जो 80 लोग गैस की चपेट में आए हैं। इसके बाद सभी लोगों को सिविल अस्पताल फेज-6 में पहुंचाया गया। जिसमें कुछ को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। जबकि करीब 20 लोगों का इलाज देर रात तक अस्पताल में चल रहा था।
सूचना मिलते ही एसडीए मोहाली जगदीप सिंह घटना स्थल पर पहुंच गए। जबकि तहसीलदार रविंदर बंसल अस्पताल में लोगों को हाल जानने पहुंचे। इस मौके पर सिविल अस्पताल के सीनियर डॉक्टर समेत सभी अधिकारी पहुंच गए थे।
जिला प्रशासन के प्रवक्ता ने कहा कि स्थिति पूरी तरह से काबू में है। 10 किलोग्राम से भरे क्लोरीन गैस सिलिंडर में लीकेज हुई थी। इस दौरान करीब 32 लोग गैस की चपेट में आ गए थे, इसके बाद जहां तक गैस फैलती गई लोग इसकी चपेट में आते गए। 15 लोगों को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। जबकि दो तीन को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी। वहीं, जेसीबी की मदद से सिलिंडर को वहां से निकाला गया। इसके साथ की गैस की बदबू को मिटाने के लिए बेकिंग सोडे का छिड़काव किया जा रहा है। आसपास का इलाका खाली करवा दिया गया है। एनडीआरएफ की टीम से भी संपर्क किया गया है।