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42 साल लंबे इंतजार के बाद मोहाली को मिलेेगा दूसरा फायर स्टेशन

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मोहाली। वीआईपी शहर को आग से सुरक्षित बनाने के लिए करीब 42 साल के लंबे इंतजार के बाद दूसरा फायर स्टेशन मिलेगा। हालांकि इस पर काम करीब पांच साल पहले शुरू हो गया था, लेकिन यह फाइलों से आगे नहीं बढ़ पा रहा था। आखिर अब बुधवार को विधायक बलबीर सिंह सिद्धू फायर स्टेशन का नींव पत्थर रखेंगे। इस पर करीब 2.92 करोड़ की लागत आएगी। हाउस की मीटिंग में इस संबंधी बाकायदा प्रस्ताव पास हो चुका है। जिसके निकाय विभाग की तरफ से भी मंजूरी मिल चुकी है।
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जानकारी के मुताबिक 1978 में जब मोहाली शहर बसना शुरू हुआ था तो उस समय एक पुलिस थाना और एक दमकल विभाग का दफ्तर खोला गया था। लेकिन समय बदलने के साथ जिले में पुलिस स्टेशन की संख्या 27 से पहुंच गई है, जबकि अभी तक फायर ब्रिगेड स्टेशन तीन ही बन पाए हैं। इसमें मोहाली, डेराबस्सी और खरड़ शामिल हैं। हालांकि मोहाली शहर को दूसरा फायर स्टेशन नहीं था। जबकि मोहाली शहर का एरिया काफी बढ़ गया है। इसमें एक तरफ मुल्लांपुर तो दूसरी तरफ एयरोसिटी तक का आता है। हालांकि नगर निगम ने करीब पांच साल पहले मोहाली के सेक्टर-78 और इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8 में दो नए फायर स्टेशन बनाने की कवायद शुरू हुई थी। लेकिन यह प्रक्रिया फाइलों से आगे ही नहीं बढ़ पाई है।
इसके बाद दोबारा इस संबंधी प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। हालांकि समय बीतने के साथ कुल निर्माण लागत 52 लाख बढ़ गई है। पटियाला में थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी की ओर से मिट्टी के नमूनों का टेस्ट किया गया और रिपोर्ट जमा कर दी गई है। इमारत के डिजाइन और ड्राइंग को भी अंतिम रूप दे दिया गया है, जिसके लिए चंडीगढ़ के एक प्राइवेट आर्किटेक्ट को काम पर रखा गया है। बता दें कि वर्तमान में, फेज 1 का फायर स्टेशन खरड़ और मुल्लांपुर के क्षेत्रों सहित पूरे शहर में सर्विस देता है। वहीं डेराबस्सी का फायर स्टेशन जीरकपुर, लालड़ु और बनूर में काम करता है। हालांकि, क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए अब खरड़ और जीरकपुर में एक फायर टेंडर मुहैया करवाया गया है।
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