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डेंगू के केस बढ़ने के बाद जागा प्रशासन, नगर काउंसिल ने जीरकपुर में करवाई फॉगिंग

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जीरकपुर। शहर में डेंगू फैलने के बाद अब प्रशासन हरकत में आया है। बीमारी से बचाव के लिए नगर काउंसिल की ओर से जहां शहर में जगह-जगह फॉगिंग करवाई जा रही है, वहीं सेहत विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को इस बीमारी से बचाव के लिए जागरूक कर रही है।
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बता दें कि जिला मोहाली की सब डिवीजन डेराबस्सी और जीरकपुर में डेेंगू के काफी ज्यादा मरीज सामने आए थे। इस बीमारी के फैलने के शुरुआती दिनों में ही डिप्टी कमिश्नर मोहाली की ओर से प्रशासनिक अधिकारियों की एक बैठक बुलाकर इसके बचाव के पूरे इंतजाम करने के अलावा शहर में फॉगिंग करने की हिदायत जारी की थी। लेकिन नगर काउंसिल के अधिकारियों की ओर से इस मामले में ढील बरती गई। इस कारण सब डिवीजन में डेंगू के करीब 100 मरीज सामने आ चुके हैं। इससे चार लोगों की मौत भी हो चुकी है।
नगर काउंसिल के सेनेटरी इंस्पेक्टर वरिंद्र सिंह ने बताया कि पिछले कई दिनों से शहर में जगह-जगह फॉगिंग करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सेहत विभाग की ओर से उनको डेंगू से बचाव के लिए इश्तहार मुहैया करवाए गए हैं, जो उनकी टीम की ओर से बांट कर लोगों को इस बीमारी से बचने संबंधी जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया है कि नगर काउंसिल की ओर से यह मुहिम लगातार जारी रखी जाएगी।
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वहीं इस बारे में ढ़कोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एसएमओ डॉ. पौमी चतरथ ने बताया कि नगर काउंसिल की ओर से जहां पूरे शहर में फॉगिंग की जा रही है। वहीं, सेहत विभाग की टीमें लोगों को इस बीमारी की रोकथाम के लिए जागरूक कर रही है। उन्होंने कहा कि सेहत विभाग की टीमें घर-घर जाकर डेंगू मच्छर के लारवे की भी जांच कर रहीं हैं और जिन लोगों के घरों में डेंगू का लारवा मिल रहा है तो उसे नष्ट भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेहत केंद्रों में डेंगू और मलेरिया की जांच और इसका पूरा इलाज मुफ्त किया जाता है। अगर किसी भी मरीज को बुखार की शिकायत होती है तो वह तुरंत नजदीकी अस्पताल या क्लीनिक में डाक्टरी जांच जरूर करवाए। उन्होंने कहा कि समय रहते इसकी जानकारी मिलने पर मरीज को अच्छा इलाज मिल सकता है और वह डेंगू या मलेरिया का शिकार होने से बच सकता है। इस दौरान एसएमओ ने डॉ. पौमी चतरथ ने डेंगू के लक्षणों के बारे में जानकारी देते बताया कि तेज बुखार होना, मांस पेशियों और जोड़ों में तेज दर्द, सिर दर्द आंखों के पीछे दर्द, घबराहट होना, चमड़ी पर लाल रंग के दाने, उल्टी, दस्त, मरीज की स्थिति गंभीर होना और प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से कम होना और कभी-कभी पीड़ित के नाक और मुंह से खून तक बहना शुरू हो जाता है। वहीं, ब्लड प्रेशर भी काफी कम हो जाता है।
सीएमओ ने डेंगू से बचाव संबंधी जानकारी देते हुए कहा कि अगर घर में बर्तनों में पानी भरकर रखना है तो उनको ढक कर जरूर रखें और अगर जरूरत न हो तो बर्तनों को खाली करके उन्हें उल्टा करके रख दें, ऐसे कपड़े पहनें जो शरीर के तकरीबन पूरी तरह से ढकें और ज्यादातार हिस्से को ढककर रखें, घर के आसपास और छतों पर पानी जमा न होने दें। अपने घरों के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
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