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12 से चौदह साल के बच्चों में कोरोना टीकाकरण को लेकर फीका रिस्पांस

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मोहाली। भले ही कोरोना महामारी की चौथी लहर आने की संभावना बनी हुई है बावजूद इसके 12 से 14 साल के बच्चे कोरोना टीकाकरण में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। अभिभावकों के मन भी टीकाकरण को लेकर कई तरह की भ्रांतियां हैं। ऐसे में जिले के स्कूलों में टीकाकरण की रफ्तार काफी धीमी चल रही है। इसे तेजी देने के लिए मंगलवार से स्कूलों में विभाग शिविर लगाने जा रहा है। फेज-2 के ज्ञान ज्योति स्कूल से मुहिम का आगाज होगा।
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टीकाकरण की मुहिम को शुरू हुए 41 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक मात्र 9255 बच्चों का ही टीकाकरण हो पाया है। हालांकि सेहत विभाग टीकाकरण को रफ्तार देने के लिए कई तरह के प्रयास कर रहा है। सोमवार को जिले में 12 से 14 साल के 785 बच्चों ने कोरोना टीका लगवाया। हालांकि फेज-6 स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर राज्य आयुर्विज्ञान संस्थान में सिर्फ 40 बच्चे पहुंचे। अस्पताल स्टाफ ने बताया कि बच्चों की तुलना में वयस्कों में टीकाकरण को लेकर उत्साह है। रोजाना 170 से 200 के करीब लोगों को कोविशील्ड और 150 से 160 को कोवैक्सीन का टीका लगाया जा रहा है। सुबह के समय थोड़ी भीड़ होती है, लेकिन 12 बजे के बाद भीड़ कम होने लगती है। वैक्सीन लगाने का समय सुबह 8 से 2 बजे का है। जिले में 12 से 14 साल आयु वर्ग के करीब 34 हजार बच्चे हैं।
मोहाली में भी दिखने लगा है चंडीगढ़ की सख्ती का असर
चंडीगढ़ द्वारा बच्चों के टीकाकरण पर की सख्ती का असर अब मोहाली पर दिखने लगा है। पहले जहां जिले में रोज करीब 100 से 200 बच्चे टीका लगवाने आते थे। वहीं, अब आंकड़ा 800 के करीब पहुंच रहा है। अभिभावकों के मन भी टीकाकरण को लेकर कई तरह के भ्रम हैं। हालांकि सेहत विभाग लोगों को इस संबंध में जागरूक कर रहा है। इसके साथ शहर के सेहत विभाग ने सभी स्कूलों के प्रिंसिपल को पत्र जारी किए हैं। स्कूलों से पूछा गया है कि उन्हें बताया जाए कि उनके यहां पर कब टीकाकरण कैंप लगाया जा सकता है। इसके अलावा संचार साधनों का प्रयोग भी लोगों को जागरूक करने के लिए किया जा रहा है।
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कोट्स
टीकाकरण को लेकर जिला प्रशासन काफी गंभीर है। सभी सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल को कहा गया है कि वे अपने बच्चों को जागरूक करें ताकि वे टीकाकरण करवाने के लिए अस्पतालों में पहुंच सकें। -डॉ. आदर्श पाल कौर, सिविल सर्जन, मोहाली
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