लुधियाना के सर्किट हाउस में बसपा क़े नेता अवतार सिंह करीमपुरी।
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पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चला रहे पूर्व डीजीपी शशिकांत ने अपने नशा विरोधी एनजीओ पावर ऑफ यूथ एसोसिएशन पंजाब (युवा शक्ति) का बहुजन समाज पार्टी में विलय करवा दिया, लेकिन खुद दूरी बनाए रखी। शशिकांत ने कहा कि वे किसी भी राजनीतिक दल का हिस्सा नहीं बनेंगे, लेकिन जो नशे के खिलाफ काम करेगा उसका समर्थन जरूर करेंगे।
शशिकांत वीरवार को सर्किट हाउस में बसपा की ओर से बुलाई प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे। इसमें बसपा के प्रधान अवतार सिंह करीमपुरी और पार्टी के पंजाब प्रभारी डॉ. मेघराज सिंह भी मौजूद रहे।
शशिकांत ने साफ किया कि यदि कोई भी राजनीतिक दल नशे के सौदागरों को टिकट देगा, उस उम्म्मीदवार का हलके में जाकर कड़ा विरोध किया जाएगा और मतदाताओं के सामने उसकी पोल खोली जाएगी।
शशिकांत ने कहा कि इससे पहले भाजपा, कांग्रेस और आप ने भी उनसे संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने किसी भी राजनीतिक पार्टी का हिस्सा बनने से इंकार कर दिया। शशिकांत का मानना है कि आम आदमी पार्टी भी अब अन्य राजनीतिक दलों से अलग नहीं है।
बसपा प्रधान करीमपुरी ने कहा कि पार्टी ने 2014 से सूबे में नशे के खिलाफ पंजाब बचाओ अभियान चला रखा है। उन्होंने कहा कि पंजाब में रोजाना औसतन तीन किसान आत्महत्या कर रहे हैं और सरकार तमाशा देख रही है। सरकार के नशा छुड़ाओं केंद्रों में ढाई लाख लोगों का इलाज हो रहा है, जबकि सरकार का दावा है कि पंजाब में नशा समस्या नहीं है।
करीमपुरी ने कहा कि यदि बसपा की सरकार बनी तो सूबे में हर तरह के नशे पर पाबंदी लगा दी जाएगी। डॉ. मेघराज सिंह ने शशिकांत के एनजीओ के प्रभारी राम सिंह आजाद को बसपा में शामिल किया और उनको पटियाला जोन का को आर्डिनेटर नियुक्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।