लुधियाना। दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार लिप प्रधान और पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस को एक बार फिर कमिश्नरेट पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से पूर्व विधायक सहित पांच आरोपियों का दो दिन का पुलिस रिमांड और बढ़ा दिया गया है। पीड़ित पक्ष ने सभी आरोपियों का पांच दिन का रिमांड मांगा था, जबकि बचाव पक्ष ने इसका विरोध किया था। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद आखिर में अदालत ने पूर्व विधायक सहित सभी आरोपियों का दो दिन का पुलिस रिमांड और बढ़ा दिया है। इसके अलावा पुलिस की तरफ से बैंस को दो और अन्य मामले में गिरफ्तार कर लिया।
कमिश्नरेट पुलिस की तरफ से उन दो मामलों में भी पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस को अदालत में पेश कर दिया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस अब आरोपी सिमरजीत सिंह बैंस, उनके भाई परमजीत सिंह पम्मा बैंस, पीए प्रदीप शर्मा उर्फ गोगी सहित दोनों महिलाओं से उनके फोन और अन्य सामान खंगालने में जुटी है।
दुष्कर्म मामले में अदालत द्वारा भगोड़ा करार दिए जाने के दो माह का समय बीतने के बाद पूर्व विधायक ने अपने पांच साथियों सहित तीन दिन पहले अदालत में आत्मसमर्पण किया था। तीन दिन की पूछताछ के बाद फिर से एक बार दो दिन का पुलिस रिमांड बढ़ा दिया गया। सूत्र बताते हैं कि पूर्व विधायक पुलिस पूछताछ में साथ नहीं दे रहे हैं। उनसे जितने भी सवाल पूछे जा रहे हैं वह सीधा जवाब देने के बजाय पुलिस को ही उलझाने की कोशिश में हैं। यह भी बताया गया है कि सभी आरोपियों को आमने सामने बिठाकर भी पूछताछ की गई, लेकिन पुुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस का कहना है कि पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस और उनके साथियों से कई तरह के सवाल हैं उनसे पूछताछ की जा रही है।
समर्थकों को चकमा दे सुबह अदालत लेकर पहुंची पुलिस
पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस का रिमांड खत्म होने के बाद वीरवार सुबह अदालत में पेश किया जाना था। समर्थकों को सुबह 11 से साढ़े 11 बजे तक अदालत परिसर में इकट्ठा होने के लिए कहा गया था। पुलिस को समर्थकों के एलान के बारे में पता चला तो पुलिस समर्थकों को चकमा देने में कामयाब रही। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर रुरल रवचरण सिंह बराड़ सहित पुलिस फोर्स वहां पहुंच गए। पुलिस ने अदालत परिसर को सील कर दिया गया। जिनकी अदालत में तारीख थी उन्हें ही सिर्फ अंदर जाने की इजाजत थी, बाकी किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया जा रहा था। मेन गेट पर ही पुलिस ने सख्त पहरा लगा था और अदालत परिसर में भी पुलिस का सख्त पहरा था। पुलिस फोर्स पूरी तरह से बैंस को घेरे में लेकर अदालत पहुंची और बाद में कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें वहां से ले जाया गया।
पूर्व विधायक बैंस पर 26 के करीब मामले दर्ज, हर माह पड़ती है कोर्ट में पेशी
अदालत में पेशी के दौरान बैंस समर्थकों में चर्चा थी कि पूर्व विधायक पर अलग-अलग आरोपों में करीब 26 मामले दर्ज हैं। हर माह कई केसों की तारीखें पड़ती हैं। जितनी देर पूर्व विधायक बैंस पुलिस कस्टडी में या फिर जेल में रहेंगे तो उन्हें विभिन्न मामलों में पड़ने वाली तारीखों पर पेश कराने के लिए लाना पड़ेगा। इसकी जिम्मेदारी किसी ओर की नहीं बल्कि जिला पुलिस की होगी। इससे पुलिस की सिरदर्दी कम होने के बजाय और भी बढ़ेगी।