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लुधियाना : अदालत परिसर में पुलिस ने की सख्ती, हर व्यक्ति को चेकिंग के बाद मिली अंदर जाने की इजाजत

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लुधियाना। कोर्ट कांप्लेक्स के अंदर ब्लास्ट होने के बाद शुक्रवार को पुलिस पूरी तरह से अलर्ट रही। वीरवार को पंजाब के डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा के जाने के बाद पूरी सुरक्षा टाइट कर दी गई। इसके साथ ही सुबह केंद्रीय मंत्री के आने की सूचना मिलते ही सुबह ही सख्ती कर दी गई। सुबह करीब साढ़े आठ बजे पुलिस फोर्स कचहरी परिसर पहुंच गई। मेन गेट एक बंद कर दिया गया और दूसरे गेट पर पुलिस के साथ साथ वकील भी खड़े रहे। कोर्ट परिसर में जाने वाले हर व्यक्ति को मेटल डिटेक्टर के अंदर से होकर जाना पड़ रहा था। उसके बाद पुलिस मुलाजिम अलग से चेकिंग कर रहे थे। गाडी अंदर ले जाने को लेकर कई वकीलों की पुलिस मुलाजिमों के साथ बहस हो गई। वहां खड़े वकीलों ने मौका संभाला और उन्हें अंदर भेजा
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अदालत चली, मगर नहीं हुई किसी केस की सुनवाई
शुक्रवार सुबह ही जिला एंव सेशन जज मनीश सिंगल अदालत पहुंच गए थे। इस दौरान उन्होंने कई केसों में वकीलों की दलीलें सुनी, लेकिन हर केस की तारीख दे दी गई। इसी तरह सभी अदालतों में आज काम हुआ था। सिर्फ वकील ही अदालत में पहुंचे थे। किसी केस में में व्यक्ति को तो नहीं जाने दिया, लेकिन हर वकील को आगे की तारीख दे दी गई। आज कोर्ट में काम का आखिरी दिन था। शनिवार से एक सप्ताह के लिए अदालतों में छुट्टियां है। अब लुधियाना की अदालतें एक जनवरीं को खुलेंगी।
डिप्टी कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर के दफ्तर में जाने के लिए भी हुई चेकिंग
अदालत परिसर में ब्लास्ट होने के बाद शुक्रवार को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। जहां मेन गेट को बंद कर एक एक कर लोगों को अंदर जाने दिया गया। वहीं अदालत परिसर के सबसे आगे बने डिप्टी कमिश्नर दफ्तर में भी लोगों को जाने के लिए मशक्कत करना पड़ा। डिप्टी कमिश्नर दफ्तर के बाहर पुलिस मुलाजिम खड़े थे। मेटल डिटेक्टर से होकर गुजरना पड़ा। कोई मुलाजिम भी था उसे भी चेकिंग करवा कर जाना पड़ा। इसी दौरान पुलिस कमिश्नर दफ्तर में जाने के लिए भी लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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वहां किसी को मोटरसाइकिल तक लगाने की इजाजत नहीं दी गई। वहां सेै उन्हें बाहर भेजा गया और उसके बाद उन्हीं लोगों को अंदर जाने की इजाजत मिली जिन्हें अधिकारियों ने बुलाया था। कुछ समय अधिकारी बैठे और फिर मीटिंगों का सिलसिला जारी रहा। जिस कारण अधिकारी वहां नहीं मिले और लोगों को जाने की इजाजत नहीं दी गई।
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