लुधियाना। लुधियाना स्टेशन पर मंगलवार को शाम एक यात्री चलती ट्रेन से गिरकर गंभीर रूप से जख्मी हो गया। हादसे के बाद वह करीब आधे घंटे तक प्लेटफार्म पर पड़ा दर्द से तड़पता रहा, लेकिन न तो कोई स्टेशन सुपरवाइजर पहुंचा और न कोई एंबुलेंस। जीआरपी और आरपीएफ के मुलाजिम बार-बार 108 नंबर पर फोन करके एंबुलेंस भेजने की गुहार लगाते रहे, लेकिन आधे घंटे तक कोई एंबुलेंस नहीं पहुंची। कई बार फोन करने के बाद एंबुलेंस मौके पर आई, लेकिन तबतक पीड़ित की हालत काफी बिगड़ चुकी थी।
पीड़ित की पहचान मुरारी सिंह के रूप में हुई है, जो गोरखपुर का रहने वाला था। वह अपने भाई शंभु को अमृतसर-जयनगर एक्सप्रेस में चढ़ाने के लिए स्टेशन आया था। सामान साथ होने की वजह से वह अपने भाई के साथ डिब्बे में चला गया। इससे पहले कि वह डिब्बे से बाहर आता, ट्रेन चल पड़ी। वह चलती ट्रेन से उतरते समय प्लेटफार्म से फिसल गया और ट्रेन के नीचे रेलवे ट्रैक पर जा गिरा। उसे ट्रेन से गिरता देख यात्रियों ने चेन पुलिंग करके ट्रेन को रोका, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से जख्मी हो चुका था। प्लेटफार्म पर मौजूद यात्रियों ने पीड़ित को लहूलुहान हालत में ट्रेन के नीचे से निकाला। तुरंत जीआरपी और आरपीएफ के मुलाजिम पर पहुंच गए। वह पीड़ित को प्लेटफार्म से उठाकर बाहर तक लाने के लिए दस मिनट तक स्ट्रेचर ढूंढते रहे, लेकिन स्ट्रेचर नहीं मिला। पहले दस मिनट स्ट्रेचर ढूंढने में खराब हो गए। फिर आधे घंटे तक एंबुलेंस का इंतजाम नहीं हो पाया। इस दौरान पीड़ित लहूलुहान अवस्था में जमीन पर पड़ा कराहता रहा। करीब आधे घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची, तब जाकर पीड़ित को सिविल अस्पताल पहुंचाया गया