लुधियाना में कूड़े के डंप के पास बनी झुग्गी में आग लगने से एक ही परिवार के सात लोगों की मौत मामले को एनजीटी ने गंभीरता से लिया है और बुधवार को एनजीटी की टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया। टीम के पहुंचने से पहले डिप्टी कमिश्नर सुरभि मलिक ने वहां जांच का आदेश जारी किया।
जस्टिस जसबीर सिंह के सामने ही परिवार में बचे इकलौते राजेश ने सारी बात बताई और उन्होंने कहा कि उनके परिवार की झुग्गी को आग लगी नहीं बल्कि लगाई गई है। जिस व्यक्ति ने आग लगाई उसकी फोटो उसी के पास है। इसके बाद वहां मौजूद ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (देहात) रवचरण सिंह बराड़ से जस्टिस जसबीर सिंह ने पूछा।
जेसीपी ने कहा कि उन्हें इस बारे में युवक ने पहले नहीं बताया। इसके बाद जस्टिस सिंह ने इसकी जांच का आदेश जारी कर दिया। ज्वाइंट सीपी ने एसीपी सुरिंदर पाल को इस मामले की जांच करने को कहा। कबाड़ का काम करने वाले सुरेश साहनी की कूड़े के डंप के पास ही झुग्गी बनी थी और परिवार के साथ वहीं रहते थे।
19 अप्रैल की देर रात को झुग्गी में आग लग गई थी और पांच बच्चों समेत सात लोगों की मौत हो गई थी। सुरेश साहनी का बेटा राजेश इस वजह से बच गया कि वह अपने दोस्त की झुग्गी में सोने चला गया था।
पुलिस ने इस मामले को हादसा बताया था। बुधवार को टीम पहुंची तो राजेश ने टीम के सामने बयान दिया कि उनकी झुग्गी में आग लगाकर परिवार की हत्या की गई है। जिसने झुग्गी को आग लगाई है उसके पास वीडियो भी है और फोटो भी है। एक युवक का बाइक यहां पड़ा है। जिसे अभी तक किसी ने नहीं जांचा। इसके बाद जस्टिस जसबीर सिंह ने जेसीपी को जांच का आदेश दिया और बाइक कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू करवाई।