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Ludhiana Gas Leak: ढाबा संचालक ने बयां किया दर्दनाक मंजर, अचानक घुटने लगा दम, मचने लगी भगदड़, लाशों का ढेर...

Mon, 01 May 2023 08:26 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लुधियाना (पंजाब)

सार

लुधियाना शहर की घनी आबादी वाले ग्यासपुरा इलाके की 33 फुटा रोड पर स्थित रिहायशी क्षेत्र में रविवार को जहरीली गैस की चपेट में आने से दो बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से आठ लोगों को छुट्टी दे दी गई है। देर शाम तक गैस का रिसाव जारी रहा। 
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Ludhiana Gas Leak - फोटो : अमर उजाला/एएनआई
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विस्तार
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पंजाब के लुधियाना के ग्यासपुरा में गैस रिसाव से चंद कदम की दूर पर ढाबा चलाने वाले मुन्नी लाल ने नम आंखों से रविवार सुबह के दर्दनाक मंजर को बयान किया। मुन्नी लाल ने बताया कि सुबह सात बजे के करीब अचानक अजीब सी दुर्गंध आने लगी और धीरे-धीरे दम घुटने लगा। 
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ढाबे से बाहर निकलकर सड़क पर आए तो पता चला कि दूध वाले बूथ के पास कोई गैस लीक हुई है। वहां पर शोर मचा हुआ था और कुछ लोग जमीन पर बेसुध पड़े थे। दुर्गंध इतनी तेज थी कि जो भी बूथ की तरफ गया वह बेसुध होकर गिर गया। 

पूरे इलाके में भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। तकरीबन एक घंटे बाद पुलिस ने आकर इलाके को सील किया और राहत कार्य शुरू किए। पुलिस ने जब शव बाहर निकाले, तब पता चला कि इतना बड़ा हादसा हो गया। 
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लाशें बिछी देख आसपड़ोस के लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। मुन्नी लाल ने कहा कि आमतौर पर इस इलाके में सुबह के वक्त काफी भीड़ रहती है। मगर रविवार को छुट्टी की वजह से सड़कें सूनी पड़ी थी, वरना मंजर और भी भयानक होता।

लुधियाना के रिहायशी इलाके में जहरीली गैस से दो बच्चों समेत 11 की मौत

लुधियाना शहर की घनी आबादी वाले ग्यासपुरा इलाके की 33 फुटा रोड पर स्थित रिहायशी क्षेत्र में रविवार को जहरीली गैस की चपेट में आने से दो बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से आठ लोगों को छुट्टी दे दी गई है। देर शाम तक गैस का रिसाव जारी रहा। 

 

प्रभावित एरिया को निवासियों से खाली करवा लिया गया। 300 मीटर का इलाका सील कर दिया गया है। मौके पर एनडीआरएफ की टीम बचाव कार्य और गैस रिसाव के कारणों की जांच में जुटी है। हालांकि अब तक यह पता नहीं चल सका है कि गैस का रिसाव कहां से हुआ है। 

 

प्राथमिक जांच में संदेह जताया गया है कि सीवरेज के अंदर कुछ केमिकल डाला गया है, जिससे यह गैस उत्पन्न हुई। एनडीआरएफ ने मैनहोल के भी सैंपल लिए हैं। हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वहीं, सरकार ने मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख और घायलों को 50 हजार रुपये देने का एलान किया।

 

घटना का पता रविवार सुबह सात बजे तब चला जब एक गोयल किराना स्टोर पर दूध लेने आए कुछ लोग बेहोश होने लगे। देखते ही देखते वहां दुकानदार सौरव गोयल को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। इसके बाद शोर मचा तो उसका भाई गौरव गोयल और अन्य लोग भी परिवार के नीचे आ गए। जैसे-जैसे सभी नीचे आए, गैस के कारण बेहोश होते गए। 

 

हादसे में गोयल के परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। वहीं, दुकान के सामने रहने वाले डॉक्टर कविलाश का पूरा परिवार खत्म हो गया। परिवार में कविलाश, उनकी पत्नी और तीन बच्चे थे। एक मृतक, जिसकी उम्र 20 के आसपास थी, की अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है। 

 

सभी पीड़ित मूल रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले थे और काम के सिलसिले में लुधियाना में ही बस गए थे। जो लोग अस्पताल में उपचाराधीन हैं, वे अभी तक बेसुध हैं और बात करने की स्थिति में नहीं है। बचाव के लिए पहुंचे दो कर्मचारी भी बेहोश हो गए। एनडीआरएफ की टीम ने बचाव कार्य कर लोगों को निकाला।

 

पीसीआर कर्मचारी भी हुए बेहोश
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सूचना मिलते ही पीसीआर कर्मचारी टेंगो 42 के मुलाजिम वहां पहुंचे। उनमें से एक मुलाजिम सावन कुमार जब लोगों को बचाने के लिए आगे गया तो वह भी बेहोश होकर गिर गया। तब मुलाजिम भी एक बार दहशत में आ गए। खुद को होश में लाते हुए मुलाजिमों ने मुंह कपड़े से ढके और पीड़ित लोगों को अपनी गाड़ी में डालकर अस्पताल पहुंचाया और तुरंत सीनियर अधिकारियों को सूचना दे दी। जिन लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया था उनमें से 11 लोगों की तो मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही एसएचओ और एसीपी रैंक के अधिकारी वहां पहुंचे।

 

पुलिस ने तीन सौ मीटर से ज्यादा का एरिया कराया तुरंत खाली
गैस चढ़ने से लोगों के गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस का अमला वहां पहुंच गया। पुलिस ने तुरंत वहां एरिया को खाली कराया और जो लोग आगे थे उन्हें मुंह ढकने की सलाह दी। पुलिस ने उक्त पूरा एरिया सील कर दिया और किसी भी आम व्यक्ति को आगे जाने की इजाजत नहीं दी गई। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल पर पहुंच कर जांच शुरू कर दी। 

 

एनडीआरएफ के मुलाजिम पूरी किट पहन कर और आक्सीजन सिलिंडर लेकर आगे की तरफ बढ़े। जहां-जहां उन्हें आशंका थी वहां जांच की। पहले टीम गोयल कोल्ड ड्रिंक स्टोर पर पहुंची और अंदर से जांच करने पहुंचे। इसके बाद आरती क्लीनिक पर भी जांच की गई, जिसके बाद सीवरेज के पास भी एनडीआरएफ की टीम पहुंची। 

 

कुछ समय बाट बठिंडा से भी एनडीआरएफ की टीम और उनके एक्सपर्ट लोग वहां पहुंच गए, जिन्होंने पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन के साथ मिलकर जांच को आगे बढ़ाया। इसी तरह नगर निगम ने भी अपनी पूरी टीम को सीवरेज में उतारा। इस दौरान उनके मुलाजिम भी पूरी किट पहन कर और ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ पूरी तैयारी कर सीवरेज में उतरे ताकि कोई नुकसान न हो।

इनकी गई जान
डॉ. कविलाश (40), उनकी पत्नी वर्षा (35), बेटी कल्पना (16), बेटा अभय (12), आर्यन नारायण (10), गोयल करियाना स्टोर चलाने वाले सौरव गोयल (35), उनकी पत्नी प्रीति ( 31), मां कमलेश गोयल (50), नवनीत कुमार (39) उनकी पत्नी नीतू देवी (39) और एक अज्ञात।

अमित शाह ने जताया दुख
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोगों की मौत पर दुख जताया और कहा कि एनडीआरएफ की टीम राहत कार्य में लगी हुई है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भगवंत मान ने घटना को बेहद दर्दनाक बताते हुए कहा कि हर संभव मदद की जा रही है। वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान ट्वीट में कहा, लुधियाना के गियासपुरा इलाके में गैस रिसाव की घटना बहुत दर्दनाक है। पुलिस, जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर मौजूद हैं। हर संभव मदद की जा रही है।
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सीवेरज में धमाका, टूटा हुआ मेनहोल मिला
अतिरिक्त उपायुक्त अमरजीत सिंह बैंस ने कहा, इलाके में एक टूटा हुआ मैनहोल मिला है और उसमें से तेज गंध आ रही थी। यह भी बताया गया कि सीवरेज में धमाका भी हुआ था। संभावना है कि उस जगह से सीवरेज में केमिकल डाला गया हो। लुधियाना के पुलिस आयुक्त मनदीप सिंह सिद्धू ने कहा कि यह आशंका है कि किसी ने सीवरेज में कुछ रसायनों का निपटान किया जिससे जहरीली गैस का उत्सर्जन हुआ।
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