लुधियाना कोर्ट कांप्लेक्स में बम ब्लास्ट में मारे गए पूर्व पुलिस मुलाजिम गगनदीप सिंह की महिला मित्र खन्ना की महिला कांस्टेबल को विभाग ने निलंबित कर दिया है। गगनदीप सिंह लुधियाना कोर्ट में ब्लास्ट से पहले अपनी महिला मित्र कांस्टेबल कमलजीत कौर से मिलने गया था। उससे मिलने के बाद वह लुधियाना गया था। इसके बाद कमलजीत कौर का नाम आया तो कई जांच एजेंसियों ने उससे पूछताछ की थी।
पिछले एक सप्ताह से पूछताछ के दौरान कई पहलुओं पर जांच की जा रही थी। एक सप्ताह बाद पुलिस के उच्च अधिकारियों ने उसे निलंबित कर दिया और विभागीय जांच भी शुरु कर दी है। सूत्रों के अनुसार यह भी जांच की जा रही है कि उसके खाते में पैसे कहां से आए। इससे पहले कमलजीत कौर से एनआईए, एनएसजी के अलावा कई जांच एजेंसियां पूछताछ कर चुकी हैं।
गगनदीप की महिला साथी कांस्टेबल पर हो सकती है बड़ी कार्रवाई
ब्लास्ट के बाद जांच एजेंसियां जब लुधियाना पहुंचीं तो मृतक की पहचान की कोशिश शुरू की थी। मृतक की पहचान हुई तो परतें खुलनी शुरू हो गईं। जिसके बाद पता चला कि कांस्टेबल कमलजीत कौर का लगातार गगनदीप से संपर्क है और आपस में दोनों की कई बार बात भी होती है। सूत्र बताते हैं कि धमाके से दो दिन पहले गगनदीप के साथ एक होटल में रुकने वाली कमलजीत कौर ही थी। ऐसे में उन्होंने उसे सस्पेंड कर दिया। सूत्र बताते है कि कमलजीत कौर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई होती है तो उसे बर्खास्त किया जा सकता है। कमलजीत कौर की फिलहाल गिरफ्तारी नहीं की गई है। एजेंसियों को शक है कि उसे गगनदीप के आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी थी लेकिन पुलिसकर्मी होने के बावजूद उसने यह जानकारी अधिकारियों को नहीं दी।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कुछ खालिस्तानी तत्वों और सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के सक्रिय सदस्य जसविंदर सिंह मुल्तानी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय से आदेश मिलने के बाद आतंकवाद निरोधी एजेंसी ने यह मामला दर्ज किया है। यह कदम उन रिपोर्टों के बाद उठाया गया है जिसमें कहा जा रहा है कि खालिस्तानी आतंकवादी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ मिलकर पंजाब में बड़े पैमाने पर अशांति पैदा करने की योजना बना रही है। मुल्तानी एसएफजे का सक्रिय सदस्य है और लुधियाना ब्लास्ट मामले में उसकी संलिप्ता सामने आई है।
ब्लास्ट मामले में जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए रंजीत बाबा उर्फ चीता और सुखजिंदर बाक्सर को शनिवार दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। उनका सात दिन का पुलिस रिमांड पहली जनवरी को खत्म हो रहा है। दोनों आरोपियों को ओकू की टीम पूछताछ के लिए लेकर गई हुई थी। सूत्र बताते है कि ओकू की टीम के उच्च अधिकारियों ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की और शुक्रवार को दोनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच सीआईए वापस लाया गया।