लुधियाना की जाह्नवी यूक्रेन से लौटी हैं।
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रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बाद से वहां फंसे भारतीयों को निकालने का क्रम जारी है। जो अपने वतन लौट आए हैं वे बहुत खुश तो हैं लेकिन उन्हें यूक्रेन में अब तक फंसे अपने जानकारों और दोस्तों की सलामती की चिंता सता रही है। तीन दिन पहले यूक्रेन से खारकीव से लौटी वृंदावन रोड की छात्रा जाह्नवी खुश है लेकिन उसे अपने साथ पढ़ने वाले दोस्तों की काफी चिंता है। वह अपने वतन लौटने के लिए भगवान का शुक्रिया तो अदा करती ही है साथ ही अपने दोस्तों के सलामती की दुआ भी करती है।
जाह्नवी ने बताया कि वह अक्तूबर में यूक्रेन गई थी। मगर उसकी पढ़ाई पहले ही चल रही थी। कोरोना के कारण पहले ऑनलाइन पढ़ाई चलती थी, लेकिन जैसे ही मौका मिला तो वह अक्तूबर में यूक्रेन के खारकीव शहर पहुंच गई। दोनों देशों के बीच माहौल तो पहले ही तनावपूर्ण था, लेकिन किसी को यह नहीं पता था कि वहां युद्ध भी होगा। पहले तो वहां लोगों को कुछ नहीं बताया गया था। मगर भारतीय मीडिया में रोजाना खबरें देख कर वहां रहने वाले छात्रों के परिवार काफी चिंतित थे। जाह्नवी ने बताया कि भारतीय मीडिया ने तो समय भी बताया था कि रूस यूक्रेन पर कब और किस समय हमला करेगा, लेकिन वहां ऐसा कुछ नहीं था। वह रूटीन में अपनी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए जा रहे थे। परिवार वाले लगातार दबाव बना रहे थे कि वह वापस आए। उसने परिवार को समझाने की कोशिश की थी कि वहां कुछ नहीं है। मगर जब इंडियन एंबेसी की तरफ से नोटिस मिला तो परिवार वालों से बात कर उसने फ्लाइट की टिकट बुक करवा ली और देश लौटने का फैसला कर लिया।
इंडियन एंबेसी और एजेंटों ने किया पूरा सपोर्ट
जाह्नवी बताती हैं कि इंडियन एंबेसी की तरफ से उन्हें नोटिस मिला और साथ ही एंबेसी की तरफ से यह भी मैसेज था कि किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है। सब लोगों को सकुशल वापस पहुंचाया जाएगा। मगर जब तक उन्हें वापस ले जाने का समय नहीं आएगा कोई भी व्यक्ति अपने घर से बाहर नहीं निकलेगा। जो जहां है वहीं रहेगा। वहां के जो एजेंट थे, उनकी तरफ से भी पूरा सपोर्ट था कि किसी को भी कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। उनके खारकीव से एयरपोर्ट और एयरपोर्ट से भारत पहुंचने तक लगातार एंबेसी अपडेट लेती रही और किसी तरह की कोई दिक्कत आने पर बात करने का भी आश्वासन दिया था। कुछ दिनों से ऑफ लाइन क्लासेस भी बंद हैं और अब ऑनलाइन क्लास लग रही थी। मगर बमबारी की वजह से इंटरनेट की दिक्कत आएगी तो अब पढ़ाई भी खराब होगी।
दोस्तों से होती है बात, बमबारी भी हो रही है और खाने पीने की भी आ रही है दिक्कत
जाह्नवी बताती हैं कि खारकीव बॉर्डर एरिया के पास बसा शहर है। उनकी अपने दोस्तों से सोशल मीडिया के जरिए बात होती है। वह बताते हैं कि बमबारी हो रही है और वह बेसमेंट में हैं। सभी को एडवाइजरी दी गई है। अब वहां खाने पीने की भी दिक्कत आने लगी है। पानी की दिक्कत है। जो कामर्शियल फ्लाइट्स हैं, उनके रेट्स भी समय समय पर बदल रहे हैं। वह लोग भी यही कह रहे हैं कि एंबेसी की तरफ से उन्हें सपोर्ट किया जा रहा है और आश्वासन दिया जा रहा है कि सभी को किसी न किसी तरीके से वापस जरूर भेजा जाएगा। अब वह भगवान से दुआ कर रही है कि उसके साथ पढ़ने वाले दोस्तों को जल्द से जल्द अपने परिवार वालों के पास पहुंचा दिया जाए।