लुधियाना। लुधियाना राज्य का पहला ऐसा जिला बन गया है, जहां दिव्यांगों के लिए कौशल विकास केंद्र स्थापित किया गया है। गुरु नानक इंस्टीट्यूट ऑफ वोकेशनल स्टडीज में पहला कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन करते हुए मिशन के निदेशक दीप्ति उप्पल ने कहा कि इस अनूठी पहल का विस्तार पूरे पंजाब में किया जाएगा, जिसमें 180 विकलांग छात्रों को तीन अलग-अलग ट्रेडों के लिए मुफ्त कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस पहल को मानवता की सच्ची सेवा बताते हुए मिशन निदेशक ने एनपी बधिर क्रिकेट महासंघ के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने यह भी कहा कि पीएसडीएम अधिक से अधिक विकलांग व्यक्तियों की मदद करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा ताकि वे अपनी आजीविका कमा सकें। उन्होंने कहा कि दिव्यांग व्यक्ति हमारे समाज का अभिन्न अंग हैं और राज्य सरकार उनकी हर संभव सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि वे भी समाज का एक अभिन्न अंग महसूस कर सकें। इस दौरान उन्होंने नवनिर्मित केंद्र का दौरा किया और इस कोर्स के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य न केवल दिव्यांग व्यक्तियों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना है बल्कि उनके लिए रोजगार के अवसर पैदा करना भी है। उन्होंने कहा कि इस पाठ्यक्रम के पूरा होने के बाद उत्तीर्ण उम्मीदवारों को विभिन्न शिविरों के माध्यम से रोजगार के अवसर प्रदान करने में और मदद दी जाएगी, जिसके लिए विस्तृत व्यवस्था पहले ही की जा चुकी है। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास) अमित कुमार पांचाल, मिशन निदेशक राजेश त्रिपाठी, गुजरांवाला गुरु नानक कॉलेज लुधियाना के अध्यक्ष एसपी सिंह, प्रो. मंजीत सिंह छाबड़ा सहित अन्य प्रमुख उपस्थित थे।