लुधियाना। पंजाब विधानसभा चुनाव में इस बार पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस पार्टी से अलग होकर अपनी नई पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस की तरफ से लड़ रहे है। उन्होंने भारतीय जनता पाटी और शिरोमणि अकाली दल संयुक्त के साथ गठबंधन कर रखा है।
हालांकि 2017 चुनाव की बात की जाए तो देश में मोदी लहर होने के बावजूद कैप्टन के सहारे कांग्रेस ने चुनाव लड़ा था और 77 सीटों पर जीत दर्ज की थी। मगर इस बार कैप्टन का चुनाव चिन्ह भी हाकी और बॉल है। कैप्टन के आधे खिलाड़ी हाकी और बॉल के साथ मैदान में हैं तो आधे भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल पर लड़ रहे हैं। पिछली बार तो कैप्टन अपने उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार करते नजर आए, लेकिन इस बार कैप्टन के खिलाड़ी उनका इंतजार कर रहे हैं। कैप्टन के खिलाड़ी इस बार भाजपा की टीम के सहारे चुनाव मैदान में उतर रहे हैं।
गठबंधन के तहत कैप्टन की पार्टी ने महानगर की चार सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इनमें से तीन शहरी और एक दाखा सीट पर है। दाखा सीट से उम्मीदवार दमनजीत सिंह मोही तो हाकी बॉल पर ही चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन बाकी के तीन उम्मीदवारों ने पहले ही मन बना लिया था कि चुनाव कमल के फूल के चुनाव चिन्ह पर लड़ा जाएगा। हैरानी की बात यह है कि शहरी उम्मीदवार तो सिर्फ भाजपा के ही गुणगान में लगे हैं। वह कैप्टन का नाम लेना भी मुनासिब नहीं समझ रहे। प्रचार के दौरान वह केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाकर वोट मांग रहे हैं।
शहर की तीनों सीटों पर कैप्टन अपनी टीम से आउट हो चुके हैं। कैप्टन की टीम के यह तीनों खिलाड़ी भाजपा की टीम के सहारे ही चुनाव प्रचार करने में जुटे हैं। भाजपा के केंद्रीय मंत्री भी इन उम्मीदवारों के पास पहुंच रहे हैं और उनके हक में वोट मांग रहे हैं। बताया जा रहा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने चुनाव प्रचार तो क्या करना था वह अपने उम्मीदवारों का हाल भी नहीं पूछ रहे कि उनकी चुनावी कैंपेन कैसे चल रही है। वह भाजपा नेताओं से बात कर किसी तरह मैनेज कर जो स्टार कास्ट महानगर में भाजपा उम्मीदवारों के लिए आ रहे हैं उन्हें अपने इलाके में चुनाव प्रचार के लिए ले जा रहे हैं। भाजपा के चिन्ह पर चुनाव लड़ रहे पीएलसी के उम्मीदवारों का कहना है कि वह कमल के फूल पर चुनाव लड़ रहे हैं और इसलिए ज्यादातर भाजपा नेताओं को ही बुला रहे हैं। (संवाद)