संगरूर लोकसभा उपचुनाव में नामांकन के आखिरी दिन नेताओं का हुजूम उमड़ा। सोमवार को अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा ने अपने वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में पर्चे दाखिल किए। सुबह सबसे पहले शिरोमणि अकाली दल की तरफ से बीबी कमलदीप कौर राजोआणा ने नामांकन पत्र दाखिल किया। उनके साथ शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, विरसा सिंह वल्टोहा, सिकंदर सिंह मलूका, विनरजीत सिंह गोल्डी, बसपा नेता जसवीर सिंह गढ़ी रहे।
सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि हमने इकट्ठे होकर पंथक उम्मीदवार बनाने के लिए बीबी राजोआना का नाम आगे किया था लेकिन सिमरनजीत सिंह मान ने जिद की है कि वह हर हाल में चुनाव लड़ेंगे। इस कारण पार्टी का समझौता नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि यह समय इकट्ठे होकर चुनाव लड़ने का है।
इसके बाद भाजपा प्रत्याशी केवल सिंह ढिल्लों ने नामांकन पत्र दाखिल किया। उनके साथ भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अश्वनी शर्मा, परमिंदर सिंह ढींडसा, राणा गुरमीत सिंह सोढी, पूर्वमंत्री बलवीर सिंह सिद्धू, अनिल सरीन, रणदीप सिंह देओल मौजूद रहे। अश्वनी शर्मा ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार है। अगर ढिल्लों संगरूर हलके से जीत हासिल करते हैं तो हलके के लिए विकास के नए मार्ग खुल सकते हैं। केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि वह हलके के लिए कोई अंजान नहीं है। उन्होंने लंबे समय से हलके में लोगों की सेवा की है।
कांग्रेस प्रत्याशी दलवीर सिंह गोल्डी के साथ बड़े नेता मौजूद रहे। इनमें कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मंत्री विजयइंद्र सिंगला, पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु, सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत अन्य नेता मौजूद रहे। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि दलवीर सिंह गोल्डी छात्र राजनीति से आए हैं।
गोल्डी एक मजबूत उम्मीदवार हैं। इन्हें जीताने के लिए पूरी मेहनत की जाएगी। गोल्डी ने कहा कि एक आम घर के लड़के को कांग्रेस ने टिकट दिया है। वह जी जान से यह चुनाव लड़ेंगे और यह सीट कांग्रेस की झोली में डालेंगे। राजा वड़िंग ने कहा कि जो कांग्रेस नेता भाजपा में गए हैं, उन्हें ईडी, सीबीआई का डर था। कांग्रेस के राज में सरदारियां भोगकर सत्ता के लालच में ये दूसरी तरफ चले गए हैं। इनके पार्टी से निकलने से युवाओं को अवसर मिलेगा और कांग्रेस और मजबूत होगी।