मोहम्मद कासिम और सुहैल कासिम मीर
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कश्मीर के अनंतनाग के रहने वाले मोहम्मद कासिम जब जेएंडके पुलिस में बतौर कांस्टेबल भर्ती हुए थे तो दिल में एक ही इच्छा थी कि मेरा बेटा एक बड़ा पुलिस अधिकारी बने। कांस्टेबल के पद से प्रमोट होकर मोहम्मद कासिम सब इंस्पेक्टर बन चुके हैं और साथ ही उनके सपने को पूरा कर दिया है उनके बड़े बेटे सुहैल कासिम मीर ने। सोहेल ने 2016 की सिविल सेवा में 125वां रैंक प्राप्त किया था लेकिन पिता की इच्छा को देखकर उन्होंने आईएएस के स्थान पर आईपीएस को तवज्जो दी।
आईपीएस सुहैल कासिम मीर जम्मू-कश्मीर राज्य पुलिस सेवा में हजरतबल में तैनात सब इंस्पेक्टर मोहम्मद कासिम मीर के बेटे हैं। पिता 58 साल के हो चुके हैं और उनको अपने बेटे सुहैल पर गर्व है। वह अस्थिर अनंतनाग जिले के बिजबेहरा क्षेत्र का रहने वाले हैं। सुहैल मीर तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं।
सुहैल 26 साल के थे जब उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास की। शैक्षिक पृष्ठभूमि बिजबेहरा से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, सुहैल ने श्रीनगर के बेमिना के सरकारी डिग्री कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। उसके बाद, उन्होंने दिल्ली में जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से एमबीए किया। जब यूपीएससी के परिणाम घोषित किए गए तो वह उसी विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की पढ़ाई कर रहे थे।
सुहैल कहते हैं कि अपने पिता को सरकार की सेवा करते हुए देखते हुए बढ़े हुए हैं। अपने पिता को देखकर सरकारी नौकरी की शोभा पर वे हमेशा मोहित रहते थे। हमेशा कहते थे कि मेरा बेटा सुहैल बड़ा होकर पुलिस अधिकारी बनेगा और उन्होंने मेरी परवरिश में कोई कमी नहीं छोड़ी। हर वक्त मेरी पीठ पर हाथ रखा और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और यही वजह थी कि मैं अपने पिता की ख्वाहिश पहली बार में ही पूरी कर पाया। 31 साल के सुहैल कासिम मीर को आईपीएस की वर्दी में जब उसके पिता देखते हैं तो उनका सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।
सुहैल मीर बताते हैं कि मैं एक ऐसी पृष्ठभूमि से आया हूं जहां मेरे पिता ने मुझे शिक्षित करने में बहुत संघर्ष किया, जो मेरे लिए हमेशा प्रेरणादायक रहा है और रहेगा। सुहैल मीर इन दिनों पंजाब कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस जालंधर में तैनात हैं।