जालंधर। राज्य सरकार की तरफ से वेतनमान कम करने के मामले को लेकर पांचवें दिन नर्सिंग स्टाफ ने अस्पताल व सिविल सर्जन दफ्तर में रैली निकालकर सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। नर्सों ने पहले मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ऑफिस के बाहर जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की व बाद में रैली सिविल सर्जन ऑफिस में पहुंची। इस हड़ताल के कारण सिविल अस्पताल में दाखिल होने वाले मरीजों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
शुक्रवार को सिविल अस्पताल में 15 नए मरीज दाखिल हुए जबकि 25 मरीज सुधार न मिलने की वजह से छुट्टी लेकर घर लौट गए। एसोसिएशन के प्रधान कांता कुमार ने कहा कि राज्य सरकार नर्सों के साथ पिछले 10 साल से धक्केशाही कर रही है। अन्य विभागों के वेतनमान को बढ़ा रही है व मरीजों की सेवा करने वाली नर्सों के वेतनमान को घटा दिया है। राज्य सरकार की ओर से नर्सों के वेतनमान को 4600 से कम कर 3200 रुपये कर दिया है। सरकार की ओर से कोरोना काल में अहम भूमिका अदा करने वाली नर्सों को सम्मानित करने के बजाय अपमानित किया जा रहा है। अगर उनकी मांगें न मानीं गईं तो वे सड़कों पर भी उतरेंगी।