पंजाब कांग्रेस को वंशवाद की बेल से छुटकारा नहीं मिल रहा है। कांग्रेस में टिकटों को लेकर अभी से घमासान मचने लगा है। कांग्रेस के कई सीनियर नेता और दिग्गज अपने लिए तो टिकट मांग ही रहे हैं, साथ ही बच्चों का भविष्य संवारने के सपने संजो रहे हैं। नेताओं ने हाईकमान पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है कि अगर दिग्गजों के बच्चों को टिकट मिलती है तो उनकी जीत की संभावना भी बन सकती है साथ ही युवा चेहरे भी पार्टी के लिए मैदान में होंगे, लेकिन भाजपा इसे पंजाब चुनाव में मुद्दा बना सकती है।
कादियां से मंत्री तृप्त राजिंदर बाजवा अपने बेटे के लिए बटाला से टिकट मांग रहे हैं। बाजवा लंबे समय से बटाला की राजनीति का हिस्सा बने रहे हैं और अपने इलाके में कम बटाला में अधिक सक्रिय रहे हैं। वहीं ब्रह्म मोहिंदरा ने भी अपने बेटे के लिए हाईकमान से टिकट की मांग की है। जालंधर से चौधरी संतोख सिंह अपने बेटे बिक्रम चौधरी के लिए फिल्लौर से दोबारा टिकट मांग रहे हैं। राणा गुरजीत सिंह ने अपने बेटे के लिए सुल्तानपुर लोधी से टिकट मांगी है जबकि वह खुद कपूरथला से चुनाव मैदान में हैं।
सांसद मोहम्मद सद्दीक भी अपनी बेटी के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं वहीं पूर्व सीएम राजिंदर कौर भट्ठल ने अपने दामाद के लिए टिकट की मांग की है। जालंधर से पूर्व मंत्री अवतार हेनरी भी खुद के लिए टिकट मांग रहे हैं और बेटे बावा हेनरी के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं। हेनरी खुद नकोदर से लड़ने के चाहवान है जबकि बेटे बावा के लिए जालंधर नार्थ से टिकट मांग रहे हैं। मंडी बोर्ड के चेयरमैन लाल सिंह जहां अपने लिए टिकट की मांग कर रहे हैं वहीं बेटे राजिंदर सिंह को भी दोबारा विधायक बनाने का सपना संजो रहे हैं।
पंजाब की कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना की पुत्रवधू जनैब अख्तर वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन है। रजिया उनके लिए भी टिकट की मांग कर सकती हैं। जनैब अख्तर हाल ही में चन्नी के सीएम बनाए जाने के बाद वक्फ बोर्ड की पहली महिला चेयरपर्सन बनीं थीं।
पंजाब के सांसदों के बेटों को टिकट मिल सकती क्योंकि वह सीधा राहुल गांधी तक संपर्क साध सकते हैं। बताते हैं कि रवनीत सिंह बिट्टू अपने भाई मंत्री कोटली को टिकट दिलाना चाहते हैं। वहीं संतोख सिंह के अलावा डॉ. अमर सिंह सांसद भी अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहे हैं। कांग्रेसी सूत्रों के मुताबिक सांसदों के बेटों को राहुल तरजीह दे सकते हैं।
पंजाब में हाईकमान सकते में है और टिकटों को लेकर घमासान मचता दिख रहा है। ऐसे में मामला कांग्रेस हाईकमान के पास पहुंच चुका है। लिहाजा, हाईकमान अभी स्थिति पर नजर रखे हुए है और दिग्गजों को संदेशा दिया जा रहा है कि वह एक परिवार एक टिकट फार्मूले पर ही आगे बढ़े अन्यथा पार्टी में कलह बढ़ सकती है।