फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कपूरथला मॉब लिंचिंग : सीएम की थपकी के बाद जिला पुलिस की 10 टीमें देंगी दबिश

विज्ञापन
विज्ञापन
कपूरथला। सीएम चरणजीत सिंह चन्नी की थपकी के बाद जिला कपूरथला की पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। बहरहाल,शनिवार को ग्रंथी सिंह की गिरफ्तारी के अलावा पुलिस हत्या के मामले में किसी और आरोपी को गिरफ्तार नहीं सकी है। पुलिस की 10 अलग-अलग टीमें घटना के तमाम वीडियो, सोशल मीडिया खंगालने के साथ-साथ हर कोण से पहलू को जांच रही है। पुख्ता सुबूत जुटाने के बाद पुलिस जल्द इस मामले में गिरफ्तारियां कर सकती हैं।
विज्ञापन

शुक्रवार को सीएम के बेअदबी न होने के बयान आने के बाद ही जिला कपूरथला पुलिस ने 19 दिसंबर को थाना कोतवाली में मृतक पर दर्ज मुकदमे में कत्ल समेत कई और धाराएं जोड़कर तत्काल गुरुद्वारा साहिब निजामपुर मोड़ के केयरटेकर ग्रंथी अमरजीत सिंह बाबा को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार से शनिवार शाम तक पुलिस जहां ग्रंथी सिंह से रिमांड दौरान और जानकारी हासिल करने में जुटी हुई है, वहीं पुलिस की 10 टीमें जांच में फूंक-फूंक कदम आगे बढ़ा रही हैं।
इस मामले की कमान संभाल रहे एसएसपी हरकमलप्रीत सिंह ने कहा कि जिला पुलिस की जीओ रैंक के अधिकारियों वाली 10 टीमें दिन-रात जुटी हुुई है। उन्होंने कहा कि रिमांड दौरान ग्रंथी सिंह अब तक मिली जानकारी के अलावा और कुछ पता नहीं चला है। एसएसपी ने माना कि ग्रंथी सिंह के बताए अनुसार उसका बेटा इंटेलीजेंस विंग चंडीगढ़ में बतौर एएसआई तैनात है। इससे ज्यादा और कुछ नहीं पता है। उन्होंने शनिवार को किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
विज्ञापन

आईजी ने युवक को न बचाए जाने पर मांगी माफी
आईजी जालंधर रेंज जीएस ढिल्लो शुक्रवार को कपूरथला प्रेस कांफ्रेंस दौरान भावुक होते हुए पुलिस की ओर से युवक की जान न बचाए जाने पर मीडिया के सामने माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उन्हें खेद है कि पुलिस उस बेकसूर युवक की जान की सुरक्षा नहीं कर पाई।
परिवार गांव के सरपंच को भी बताकर नहीं गया
गांव निजामपुर के सरपंच सुरिंदर सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा साहिब के केयरटेकर अमरजीत सिंह बाबा की गिरफ्तार होने के बाद उनका परिवार सामान लेकर चला गया। जब उन्हें इसका पता चला तो वह गुरुद्वारा साहिब गए तो वहां पर ताला लटका था। उन्होंने बताया कि परिवार ने उन्हें भी नहीं बताया और गुरुद्वारा साहिब की चाबी भी पास के गांव बूट के किसी व्यक्ति को देकर जाने के बारे में पता चला है। किस व्यक्ति को देकर गए हैं, यह नहीं मालूम है। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रंथी का बेटा एएसआई इंटेलीजेंस विंग में तैनात है, बस इतना ही मालूम हैं। इससे ज्यादा उन्हें कुछ नहीं पता है।
गुरुद्वारा साहिब के बाबा पाक यात्राओं पर उठने लगे सवाल
कपूरथला। गांव निजामपुर के मुख्य प्रबंधक अमरजीत सिंह बाबा के पाकिस्तान से संपर्क को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। हालांकि पुलिस ऐसे किसी भी तरह के संपर्क से अभी तक इंकार करती आ रही है। लेकिन घटना के अगले दिन यानी 20 दिसंबर दिन को गुरुद्वारा साहिब के मुख्य सेवादार बाबा अमरजीत सिंह ने पाकिस्तान जाने की बात कबूली थी। अमरउजाला के पास इस बातचीत का वीडियो भी मौजूद है। इसमें लेकिन बाबा ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के बारे में पता न होने से साफ इंकार किया है। हालांकि इस बातचीत दौरान बाबा कुछ घबरा से जरूर गए थे।
बाबा ने कहा कि पाकिस्तान व भारत की सरकार को जब वीजा के लिए आवेदन किया जाता है तो दोनों सरकारों उनकी अच्छे से जांच करके उन्हें जाने की अनुमति देते हैं। उसके बाद ही वह गुरधाम के लिए जाते हैं। वह तो पाकिस्तान में सिर्फ और सिर्फ गुरधामों के दर्शन और प्रचार करने के लिए जाते हैं। इस तरह की शंकाएं उठाना गलत है। बाबा ने कहा कि उसका छोटा बेटा जोरावर सिंह कीर्तन करता है, उसने पाकिस्तान के गुरधामों में कीर्तन करके संगत को निहाल किया है। पाकिस्तान की सिख संगत उसे बहुत प्यार करती है। उनका गुरुद्वारा होतीमरदान संप्रदाय का अनुसरण करता है, इसलिए वह श्री ननकाना साहिब में लंगर की सेवा के लिए आतुर थे, जिसके लिए मुंबई व अन्य दूर-दराज की संगत के साथ वह पाकिस्तान जत्था ले जाकर वहां पर सेवा करते हैं।
उन्होंने माना कि उनका बेटा पाकिस्तान पंजाब के लाहौर स्थित गुरुद्वारा डेरा साहिब, जहां पर पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का कार्यालय भी है, जाकर कीर्तन कर चुका है। यही नहीं, वह तो गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब, गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब और गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब में कीर्तन कर चुका है। जहां पर काबुल व कंधार से आने वाली संगत उसके कीर्तन से निहाल होने के साथ खुश होती है और उसे बहुत प्यार करती है। उन्होंने कहा कि वह अब तक चार-पांच बार पाकिस्तान जा चुके हैं, लेकिन उनकी यात्राएं केवल और केवल धार्मिक हैं और गुरधामों के दर्शनों व सेवा के लिए जाते हैं। इसे किसी और मामलों से जोड़ना गलत है। भारतीय एजेंसियों के जांच किए जाने के सवाल पर बोले, दोनों देशों की सरकारें अनुमति दिए जाने के बाद ही वह जाते हैं और पूरी प्रक्रिया को अमल में लाया जाता है।
वह केवल धर्म के प्रचार के लिए जाते हैं, यदि ऐसी सवाल उठने लगे हैं तो फिर वह पाकिस्ता नहीं जाएंगे प्रचार करने के लिए। बड़े-बड़े रागी-ढाडी पाकिस्तान जाने से इसलिए झिझकते हैं कि उन्हें अन्य देशों का वीजा नहीं मिलेगा, लेकिन वह तो जाते हैं। यदि जांच की बात है तो जिनको जांच करनी है तो उनके साथ पाकिस्तान चलें, जांच करें। वह किसी भी जांच एजेंसी की ओर से जांच के लिए तैयार हैं। एसएसपी हरकमलप्रीत सिंह ने कहा कि बाबा अमरजीत सिंह पाकिस्तान की धार्मिक यात्राएं करता है। इसके बारे में पता हैं, लेकिन आईएसआई कनेक्शन पर उन्होंने टिप्पणी करने से साफ इंकार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें