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भारत बंद के चलते नैशलन हाईवे ब्लाक होने से प्रभावित होगी बस व ट्रेन सेवाएं

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जालंधर। कृषि कानूनों का विरोध कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से सोमवार को भारत बंद का एलान कर रखा है, जिसके चलते पंजाब के साथ-साथ महानगर जालंधर के लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। अगर आपने सोमवार को कहीं जाने का प्रोग्राम बनाया है तो फिलहाल उसे टाल दें, क्योंकि इस बंद के कारण बसें, रेल, दुकानें, शापिंग मॉल व अन्य कई तरह की सेवाएं ठप रहने की संभावना है। इस बंद के कारण बस चालकों ने बस सेवाएं शाम तक बंद रखने का फैसला तो किया ही है, साथ ही अगर किसान रेलवे ट्रैक पर धरना देते हैं तो ट्रेन में सफर करने वालों के लिए भी मुश्किल खड़ी हो सकती है।
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बता दें कि इस बंद के दौरान किसान जालंधर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर लगभग 10 से 12 स्थानों पर धरना दें सकते हैं। इस वजह से सड़क व रेल यातायात प्रभावित होना लाजमी माना जा रहा है। हालांकि सरकारी बस सेवा होने के कारण पंजाब रोडवेज ने बसें चलाने का फैसला किया है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि अगर रास्ते ही बंद होंगे तो वह बसें कहां पर चलाएंगे। किसान संगठनों ने राजनीतिक पार्टियों, ट्रेड यूनियनों, किसान संघों, युवाओं, महिलाओं व हर वर्ग को अपील की है कि देश में किसानी बचाने के लिए वह किसान मोर्चे का सहयोग करें। किसान मोर्चा की तरफ से सोमवार को सुबह 6 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक धरना प्रदर्शन किया जाना है। इस बंद को लेकर भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के अनुसार जालंधर-दिल्ली नेशनल हाईवे पीएपी चौक, नकोदर-जालंधर बाईपास, बाठ कैसल के पास, लोहियां टी प्वाइंट, शाहकोट, मलसिया, गांव मल्लिया, भोगपुर में आदमपुर टी प्वाइंट, प्रतापपुरा लांबड़ा रोड, महितपुर टोल प्लाजा पर किसान धरने पर बैठेंगे।
भारतीय किसान यूनियन का कहना है कि बंद के दौरान केवल एंबुलेंस व स्वास्थ्य सेवाओं को ही छूट दी जाएगी। इसके अलावा अगर किसी विद्यार्थी ने परीक्षा या इंटरव्यू के लिए जाना है तो उसे नहीं रोका जाऐगा। इस बंद को शहर वासियों का समर्थन भी मिलना शुरू हो गया है। किसानों के इस बंद को आल इंडिया बैंक आफिसर्स कन्फेडरेशन ने अपना समर्थन दे दिया है। कन्फेडरेशन का कहना है कि वह किसानों का समर्थन करते हैं व उसकी सहयोगी व राज्य इकाइयां इस प्रदर्शन में शामिल होंगी। उधर, इस बंद को विपक्षी दल कांग्रेस, राकंपा, माकपा, तृणमूल, राजद ने भी अपना समर्थन दिया है। जालंधर मोबाईल डीलर एसोसिऐशन के प्रधान जपिन्दरदीप सिंह मक्कड़ का कहना है कि मोबाइल एसोसिऐशन भी किसाों के इस संघर्ष में उनके साथ हैं।
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