लुधियाना में इनवेस्ट पंजाब का आयोजन बुधवार को होगा। सरकार निवेशकों को पंजाब में निवेश के लिए आकर्षित करेगी। लेकिन बड़ा सवाल है कि पुराने वायदों को पूरा न करने को लेकर निवेशक पहले ही परेशान हैं। ऐसे में नए निवेशक कैसे आएंगे। विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब सरकार निवेशकों को लुभाने के लिए इनवेस्ट पंजाब समिट बुधवार को लुधियाना में आयोजित करने जा रही है। इसका मुख्य उदेश्य पंजाब में बड़े घरानों को निवेश करने के लिए आकर्षित करना है। जो पंजाब में निवेश कर चुके हैं, वे सरकार की नीतियों से हताश हैं। कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने से पहले इंडस्ट्री को पांच रुपये प्रति यूनिट बिजली देने का वायदा किया था। यह अब तक पूरा नहीं हो सका है।
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फिलहाल हरियाणा और हिमाचल से महंगी है बिजली
बिजली के लिए इंडस्ट्री को प्रति यूनिट नौ रुपये देने पड़ रहे हैं। किसान आंदोलन को देखते हुए निवेशक पंजाब में निवेश करने से कतरा रहे हैं। निवेशकों का कहना है कि आंदोलन का खामियाजा इंडस्ट्री को भुगतना पड़ रहा है। दबे स्वर में कारोबारियों का कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले यह समिट चुनावी स्टंट बनकर न रह जाए। इंडस्ट्री को हरियाणा और हिमाचल से ज्यादा महंगी बिजली मिल रही है। कई निवेशकों का कहना है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर मुहैया करवाने में सरकार फेल हुई है। उधर, किसान आंदोलन के चलते अडानी ग्रुप लुधियाना में अपना लॉजिस्टक पार्क बंद कर चुका है। भारतमाला परियोजना के तहत पंजाब में एक भी प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं हुआ।
अभी तक अधर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट
पंजाब का मानचेस्टर कहे जाने वाले लुधियाना से अन्य राज्य या फिर विदेश जाने के लिए कोई साधन नहीं है। यहां पुराने साहनेवाल एयरपोर्ट से सिर्फ दिल्ली तक सफर किया जा सकता है। हालांकि एयरफोर्स स्टेशन हलवारा को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने का काम चल रहा है। सिर्फ चहारदीवारी और एक लिंक रोड बनाने का काम पूरा हो सका है। एयरपोर्ट की तैयारी शुरू होने के बावजूद इसके आसपास एरिया में एक भी निवेशक नहीं पहुंचा है।
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क्या कहते हैं कारोबारी
बिजली हमारे लिए कच्चे माल जैसी है। प्रदेश सरकार ने वायदा किया था कि पांच रुपये में बिजली देंगे। साढ़े चार साल बीत जाने पर भी पंजाब सरकार इस वादे को पूरा नहीं कर सकी। पड़ोसी प्रदेशों में बिजली पंजाब के मुकाबले सस्ती है। पुराने निवेशक ही यहां की नीतियों से काफी हताश हैं। ऐसे में नए निवेशकों के लिए सरकार बचे दो माह में क्या कर सकेगी।
-विनोद थापर, प्रधान, निटवेयर क्लब, लुधियाना
किसान आंदोलन इंडस्ट्री पर अपना प्रभाव तो डाल रहा है। चीन में लोग इसलिए इनवेस्ट करते हैं, क्योंकि वहां पर कोई आंदोलन नहीं होता है। पंजाब में बिजली रेट इस सबसे बड़ा इश्यू हैं। इसकी तरफ सरकार को ध्यान देना चाहिए। पंजाब सरकार ने अभी सिंगल विंडो सिस्टम के अलावा कई सुविधाएं दी हैं, पर इंडस्ट्री की ओर ज्यादा फोकस करने की आवश्यकता है। तभी बड़े निवेशक पंजाब में आएंगे।
-उपकार सिंह आहूजा, प्रधान, सीआईसीयू
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पंजाब सरकार ने पांच रुपये में बिजली देने का वायदा किया था, छोटी इंडस्ट्री को अभी नौ रुपये, तो बड़ी इंडस्ट्री को 7.50 रुपये यूनिट मिल रही है। बड़ी इंडस्ट्री आएंगी, तो पंजाब के छोटे कारोबारी उसका बिजली रेट में कैसे मुकाबला करेंगे। सरकार को चाहिए कि वह चाहे छोटी हो या बड़ी इंडस्ट्री, पांच रुपये बिजली देने का वायदा पूरा करे।
-जगबीर सिंह सोखी, चेयरमैन, स्विंइंग इंडस्ट्री क्लब