फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब: 31 तक मांग न मानी गईं तो एक नवंबर से बसें बंद कर सीएम को चाबियां सौंपेंगे ट्रांसपोर्टर, ट्रांसपोर्टरों ने की मीटिंग

Wed, 27 Oct 2021 03:42 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, होशियारपुर(पंजाब)

सार

ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि बस ऑपरेटरों से एमवीटी कर माफी का वादा किया गया था पर सरकार का यह वादा अब तक पूरा नहीं हो सका। सरकार को जल्द से जल्द ट्रांसपोर्टर्स की मांगे मान लेनी चाहिए।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एक नवंबर से बडेे़े और छोटे ट्रांसपोर्टर बसें रोककर उनकी चाबियां पंजाब के मुख्यमंत्री को सौंपेंगे। इस संबंध में एक बैठक जसवीर सिंह राजा की अध्यक्षता में पंजाब के होशियारपुर में आयोजित की गई। इसमें प्रदेश के कई जिलों के मध्यम वर्गीय ट्रांसपोर्टर शामिल रहे। इसमें तय किया गया कि 31 अक्तूबर तक उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो ऐसा किया जाएगा।  

विज्ञापन


बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए ट्रांसपोर्टर जसवीर सिंह राजा, मनप्रीत सिंह गोल्डी, जरनैल सिंह गढ़दीवाला, संदीप शर्मा, केशव सैनी और कुलविंदर सिंह भट्टी ने बताया कि ट्रांसपोर्ट मंत्री राजा वड़िंग ने 21 अक्तूबर को ट्रांसपोर्टरों के साथ बैठक करके बस ऑपरेटरों से एमवीटी कर माफी का वादा किया गया था पर यह वादा अब तक पूरा नहीं हो सका है। जिससे मध्यम वर्ग के ट्रांसपोर्टरों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी भी बस ऑपरेटर ही हैं पर उनके जीएम को 500 मीटर तक के दायरे में बसों की चेकिंग, जांच और चालान करने का अधिकार दे दिया गया है। यह अनुचित है। उन्होंने कहा कि चुनावी वर्ष होने के कारण सरकार सभी वर्गों को सुविधाएं मुहैया करा रही हैं। नौकरशाह ट्रांसपोर्टरों को मारने पर तुले हैं। 

उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टरों ने 50 फीसदी यात्रियों के साथ अपनी जेब से डीजल के पैसे खर्च कर बसें चलाई थीं और लॉकडाउन की वजह से शनिवार और रविवार को बसें खड़ी रहती थीं। उन्होंने कहा कि डीजल की कीमत वर्ष 2020 की तुलना में 54 रुपये से बढ़कर 98 रुपये हो गई पर जिसके बावजूद किराये में एक पैसे की बढ़ोतरी नहीं की गई। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें : लुधियाना में आज इनवेस्ट पंजाब समिट: शहर में पहली बार होगी कैबिनेट बैठक, कई बड़ी घोषणाओं की उम्मीद
विज्ञापन


ट्रांसपोर्ट उद्योग बुरी तरह डगमगाने लगा है। उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह से ट्रांसपोर्टरों की अनदेखी करती रही तो उन्हें मजबूरन बसों का संचालन रोककर सरकार को चाबियां सौंपनी पड़ेंगी। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से मांग की कि छोटे और मध्यम बस ऑपरेटरों के एमवीटी टैक्स को तुरंत माफ किया जाए और ट्रांसपोर्टरों को अन्य वर्गों की तरह राहत दी जाए। इस मौके पर हरदीप सिंह सिद्धू, कुलविंदर सिंह ग्रेवाल, बलजिंदर सिंह और जसवीर सिंह गिल उपस्थित थे।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें