छठे वेतन आयोग की सिफारिशों का विरोध कर रहे पंजाब के सरकारी मुलाजिमों को नए वेतनमान में आवास भत्ते में भी कटौती झेलनी पड़ेगी। वित्त विभाग की ओर से इस संबंध में जारी नोटिफिकेशन के अनुसार ग्रुप-ए, बी, सी और डी मु्लाजिमों के मौजूदा हाउस रेंट को नए वेतनमान में 2 से 4 फीसदी तक घटा दिया गया है। सभी विशेष मुख्य सचिवों, अतिरिक्त मुख्य सचिवों, वित्त कमिश्नरों, प्रिंसिपल सेक्रेटरीज और प्रशासनिक सचिवों के अलावा सभी विभाग प्रमुखों, डिविजन कमिश्नरों को जारी पत्र में वित्त विभाग की ओर से कहा गया है कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करते हुए हाउस रेंट अलाउंस की नवीनतम दरों में बदलाव किया गया है।
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कुछ इस तरह किया गया है संशोधन
इसके अनुसार, ग्रुप-ए के मुलाजिम, जिन्हें अब तक बेसिक वेतन की 30 फीसदी राशि हाउस रेंट अलाउंस के रूप में मिल रही थी, को 1 जुलाई, 2021 से नए वेतनमान के तहत रिवाइज बेसिक वेतन की 24 फीसदी राशि हाउस रेंट के रूप में मिलेगी। इसी तरह ग्रुप-बी में मौजूदा 20 फीसदी हाउस रेंट की राशि को रिवाइज बेसिक वेतन में घटाकर 16 फीसदी, ग्रुप-सी में मौजूदा 12.5 फीसदी हाउस रेंट को रिवाइज बेसिक वेतन में घटाकर 10 फीसदी और ग्रुप-डी के लिए मौजूदा 10 फीसदी हाउस रेंट को रिवाइज बेसिक वेतन में घटाकर 8 फीसदी कर दिया गया है।
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शहरों/कस्बों का मौजूदा वर्गीकरण लागू रहेगा
हालांकि मकान किराया भत्ता प्रदान करने के लिए शहरों/कस्बों का मौजूदा वर्गीकरण लागू रहेगा। पत्र में कहा गया है कि हाउस रेंट अलाउंस की गणना केवल पंजाब सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियम 2021 के अनुसार निर्धारित संशोधित मूल वेतन के प्रतिशत के रूप में की जाएगी। हाउस रेंट भत्ता पंजाब सरकार के उन सभी कर्मचारियों के लिए लागू होगा, जो सरकारी आवास के बजाय किसी अन्य निजी आवास (स्वामित्व/किराए पर) में रहते हैं। लेकिन ऐसे कर्मचारी हाउस रेंट के पात्र नहीं होंगे, जो सरकारी आवास के हकदार हैं और सरकारी आवास उपलब्ध होने के बावजूद किसी भी कारण से निजी आवास में रहने का विकल्प चुनते हैं।