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Punjab Weather Update: पठानकोट में भारी बरसात से चक्की दरिया में समाई एयरपोर्ट जाने वाली सड़क, मुक्तसर में 1300 मुर्गियां मरीं

Fri, 15 Jul 2022 10:07 AM IST
निवेदिता वर्मा अमर उजाला नेटवर्क, पंजाब

सार

पंजाब में मौसम बदल गया है। गुरुवार रात को शुरू हुई बरसात शुक्रवार सुबह भी जारी रही। इससे कई इलाकों में जलभराव हो गया और लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। 
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पठानकोट में रास्ता बहा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पंजाब-हरियाणा में मानसून की एक पारी खत्म हो चुकी है। इस दौरान दोनों राज्यों में मानसून का प्रदर्शन ठीक-ठाक रहा है। पंजाब में सिर्फ छह फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है, जबकि हरियाणा में दो फीसदी। विशेषज्ञ कहते हैं कि यह कमी फिलहाल मायने नहीं रखती है। अभी बारिश के पूरे दो महीने बचे हैं। वहीं मानसून 19 जुलाई से फिर सक्रिय हो रहा है। इस दौरान भी कई जिलों में अच्छी बारिश के संकेत हैं।  शुक्रवार को अमृतसर में 19 एमएम, पठानकोट में 15.8, फिरोजपुर में 20.8 और मुक्तसर में 85 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई। हरियाणा के हिसार में 10 एमएम, करनाल में 42 एमएम और कुरुक्षेत्र में 10 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई।

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पठानकोट में भारी बरसात
पठानकोट में गुरुवार तड़के से शुरू तेज बारिश का सिलसिला शुक्रवार को भी लगातार जारी रहा। वहीं, हिमाचल प्रदेश में भी हुई तेज बारिश से शहर से पठानकोट एयरपोर्ट को जाने वाली पूरी सड़क चक्की दरिया में समा गई। इसके अलावा, सैन्य अस्पताल की दीवार भी ताश के पत्तों की तरह बिखरी और दरिया की भेंट चढ़ गई। जिस कारण शहर से एयरपोर्ट और 10 हजार की आबादी वाली हिमाचल की चार पंचायतों का इकलौता रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। लोग पैदल भी दूसरी तरफ नहीं जा पा रहे। 

यह सड़क हिमाचल की पंचायत सीरत, डमटाल, माजरा और मोहटली के कई गांवों की लाइफ लाइन है। वहां के अधिकतर लोग रोजी-रोटी कमाने के लिए शहर आते हैं, वहीं कई बच्चे पठानकोट के स्कूलों में पढ़ते हैं। बीती शाम जब सड़क का बड़ा हिस्सा दरिया में गिरा तो उस समय कई लोग अपने गांवों से दूर थे। जब वह काम से रात को वापस लौटे तो रास्ता दरिया में समा चुका था। एक अनुमान के मुताबिक उक्त गांवों के 500 से अधिक लोग इस पार फंसे हैं। कई महिलाएं भी उनमें शामिल हैं। लोगों ने डेरा स्वामी जगतगिरी आश्रम में रात बिताई। शुक्रवार सुबह से भूखे-प्यासे लोग भारी बरसात के बावजूद कटाव वाले स्थान के पास डटे रहे। 

लोगों ने मिलिट्री अस्पताल से रास्ता देने की उठाई मांग

गांवों तक पहुंचने वाला पूरा रास्ता खत्म होने के बाद लोगों ने हिमाचल सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। लोगों ने कहा कि इस सड़क को बचाने के लिए सरकार ने करोड़ों रुपये बर्बाद कर दिए। लेकिन, सभी प्रयास असफल रहे। हर बार बरसाती सीजन में सड़क का हिस्सा दरिया में बहता रहा। इस बार पूरी सड़क दरिया में समा गई। लोगों ने कहा कि हालात बयान कर रहे हैं कि सड़क बनने कई महीने या साल भर का समय लग सकता है। वह अपने परिवारों के पास लौटना चाहते हैं। कई लोग हैं जो उस पार बीमार हैं। उन्हें शहर लाना जरूरी है। ऐसे में उन्हें मिलिट्री अस्पताल के अंदर से रास्ता दिया जाए। लोगों ने कहा कि इसके लिए वह सेना की हर शर्त मानने को तैयार हैं। 

आधी हिमाचल और आधी पंजाब के अधीन आती है उक्त सड़क

इस सड़क का कुछ हिस्सा पंजाब के पठानकोट और बाकी हिस्सा हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में पड़ता है। हालांकि, यह सड़क पठानकोट शहर से सटी है। बही रोड हिमाचल के अधिकार क्षेत्र में है। जबकि, उस पार फिर पठानकोट जिले का एरिया पड़ता है। रोड बह जाने के कारण पठानकोट एयरपोर्ट, हिमाचल के कई गांवों का संपर्क पूरी तरह से कट गया है जिस कारण बहुत से लोग फंसे रहे।

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मुक्तसर: बूड़ागुज्जर पोल्ट्री फार्म की इमारत गिरने से 1300 मुर्गियां मरी 

सावन की पहली बारिश मुक्तसर के लोगों के लिए आफत बनकर आई। सुबह करीब साढ़े तीन बजे बारिश शुरू हो गई, जो कभी जोरदार तो कभी बूंदा-बांदी के रुप में करीब बारह बजे तक जारी रही। पानी की निकासी न होने के चलते पूरा शहर डूब गया। कई जगह तो बाढ़ जैसे हालात बन गए। गांव बूड़ागुज्जर में स्थित पोल्ट्री फार्म की 3,300 स्केयर फुट में बनी पूरी इमारत ही गिर गई। जिससे करीब 1,300 मुर्गियां मलबे में गिरकर मर गई। 

पोल्ट्री फार्म के मालिक अरविंदरपाल सिंह चाहल तथा गुरचरन सिंह ने बताया कि इस कुदरती आपदा के चलते उनका करीब आठ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार व प्रशासन से मुआवजा देने की मांग की है। गांव बूड़ागुज्जर में सेमनाले के पुल के पास सड़क टूट कर जमीन में धंस गई। 

बारिश से लोगों के घरों में पानी घुस गया। अबोहर रोड, नई दाना मंडी के पास खड़ा बरसात का पानी दाना मंडी में रह रहे गरीब झुग्गियों-झोंपड़ियों वालों के घरों में घुस गया। मलोट के गांव करमगढ़ माइनर में दरार आने से पानी खेतों में चला गया।  

गांव सम्मेवाली में गिरी मकान की छत, दो घायल

मुक्तसर के गांव सम्मेवाली में बारिश से एक मकान की छत गिरने से दो लोग घायल हो गए। जबकि मकान के अंदर पड़ा सामान क्षतिग्रस्त हो गया। जानकारी के अनुसार गांव सम्मेवाली के निवासी रछपाल सिंह, गुरचरन सिंह पुत्र बगीचा सिंह अपने पारिवारिक सदस्यों विक्रमजीत सिंह व जसपाल कौर के साथ मकान में बैठे हुए थे। इसी दौरान अचानक कमरे की छत गिर गई। जिससे विक्रमजीत व जसपाल कौर घायल हो गए। बताते हैं कि विक्रमजीत सिंह को ज्यादा गंभीर होने के चलते फाजिल्का के निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। 
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अमृतसर में भी बरसात से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सुबह चार बजे शुरू हुई हल्की बारिश सुबह 11 बजे तक जारी है। बारिश का पानी शहर की सड़कों  पर भर गया है। बच्चों को स्कूल जाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश ने आटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर काम ठप कर दिया। बारिश के चलते ट्रैक पर सुबह तक काम शुरू नहीं किया जा सका। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अपनी फोटो खिंचवाने और ड्राइविंग टेस्ट देने पहुंचे कई लोगों को तो बारिश में भीगने के बाद बैरंग लौटना पड़ा।
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