मुक्तसर: बूड़ागुज्जर पोल्ट्री फार्म की इमारत गिरने से 1300 मुर्गियां मरी
सावन की पहली बारिश मुक्तसर के लोगों के लिए आफत बनकर आई। सुबह करीब साढ़े तीन बजे बारिश शुरू हो गई, जो कभी जोरदार तो कभी बूंदा-बांदी के रुप में करीब बारह बजे तक जारी रही। पानी की निकासी न होने के चलते पूरा शहर डूब गया। कई जगह तो बाढ़ जैसे हालात बन गए। गांव बूड़ागुज्जर में स्थित पोल्ट्री फार्म की 3,300 स्केयर फुट में बनी पूरी इमारत ही गिर गई। जिससे करीब 1,300 मुर्गियां मलबे में गिरकर मर गई।
पोल्ट्री फार्म के मालिक अरविंदरपाल सिंह चाहल तथा गुरचरन सिंह ने बताया कि इस कुदरती आपदा के चलते उनका करीब आठ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार व प्रशासन से मुआवजा देने की मांग की है। गांव बूड़ागुज्जर में सेमनाले के पुल के पास सड़क टूट कर जमीन में धंस गई।
बारिश से लोगों के घरों में पानी घुस गया। अबोहर रोड, नई दाना मंडी के पास खड़ा बरसात का पानी दाना मंडी में रह रहे गरीब झुग्गियों-झोंपड़ियों वालों के घरों में घुस गया। मलोट के गांव करमगढ़ माइनर में दरार आने से पानी खेतों में चला गया।
गांव सम्मेवाली में गिरी मकान की छत, दो घायल
मुक्तसर के गांव सम्मेवाली में बारिश से एक मकान की छत गिरने से दो लोग घायल हो गए। जबकि मकान के अंदर पड़ा सामान क्षतिग्रस्त हो गया। जानकारी के अनुसार गांव सम्मेवाली के निवासी रछपाल सिंह, गुरचरन सिंह पुत्र बगीचा सिंह अपने पारिवारिक सदस्यों विक्रमजीत सिंह व जसपाल कौर के साथ मकान में बैठे हुए थे। इसी दौरान अचानक कमरे की छत गिर गई। जिससे विक्रमजीत व जसपाल कौर घायल हो गए। बताते हैं कि विक्रमजीत सिंह को ज्यादा गंभीर होने के चलते फाजिल्का के निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।
अमृतसर में भी बरसात से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सुबह चार बजे शुरू हुई हल्की बारिश सुबह 11 बजे तक जारी है। बारिश का पानी शहर की सड़कों पर भर गया है। बच्चों को स्कूल जाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश ने आटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर काम ठप कर दिया। बारिश के चलते ट्रैक पर सुबह तक काम शुरू नहीं किया जा सका। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अपनी फोटो खिंचवाने और ड्राइविंग टेस्ट देने पहुंचे कई लोगों को तो बारिश में भीगने के बाद बैरंग लौटना पड़ा।