मोहाली में बलबीर सिद्धू के घर के बाहर बैठे किसान।
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धान की खरीद शुरू न होने से नाराज किसानों ने शनिवार को मोहाली के सेक्टर 78 में पूर्व मंत्री बलवीर सिंह सिद्धू के घर का घेराव किया। इस दौरान करीब 2 घंटे प्रदर्शन किया गया। नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की कैबिनेट में जगह न बना पाने के बाद पूर्व सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू एक बार फिर मोहाली शिफ्ट हो गए हैं। वे अपने भाई मेयर अमरजीत सिंह के घर से ही अपना ऑफिस चला रहे हैं। किसानों को इसकी भनक पहले ही थी ऐसे में उन्होंने सवेरे ही सिद्धू के घर का घेराव कर दिया। वहीं अमृतसर में उप मुख्यमंत्री ओमप्रकाश सोनी की कोठी के बाहर संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए हैं।
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परगट ने कैप्टन को बताया जिम्मेदार
पंजाब में रुक रुककर बारिश हो रही है। इससे धान की फसल खरीद में किसानों को काफी नुकसान सहना पड़ सकता है। यह कहना है शिक्षा व खेल मंत्री परगट सिंह का। परगट सिंह ने इसका जिम्मेदार कैप्टन अमरिंदर सिंह को बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कैप्टन ने अमित शाह से मुलाकात कर धान की खरीद जानबूझकर देरी से करने का फैसला करवाया। जिससे पंजाब के किसानों की हालत खराब की जा सके।
धान की खरीद के लिए केंद्र सरकार की तरफ से एक अक्तूबर का दिन तय होता है। इसी वजह से पंजाब की मंडियों में फसल पहुंचनी शुरू हो गई है। अब अचानक एक दिन पहले केंद्र सरकार ने तारीख 11 अक्तूबर कर दी। मंडियों में धान की आमद शुरू हो चुकी है और पंजाब सरकार ने मंडियों में 11 दिन का बंदोबस्त नहीं किया हुआ है। इसकी वजह से धान बारिश में भीगने लगा है। किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। किसानों ने आगे आलू समेत अन्य फसल लगानी है, वो इसे खेत में नहीं रख सकते। पंजाब सरकार के पास भी मार्कफेड और दूसरी एजेंसियां हैं पर ज्यादा खरीद केंद्र सरकार करती है। परगट सिंह ने साफ कहा कि कैप्टन और अमित शाह की मुलाकात थोड़े दिन पहले हुई है। उसी के बाद अचानक धान की खरीद 11 दिन देरी से कर दी गई है, इसका सीधा मतलब है कि कैप्टन किसानों के साथ धोखा कर रहे हैं।