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Ludhiana: शहीद सुखदेव के वंशजों ने किया स्वतंत्रता दिवस राज्यस्तरीय समारोह का बायकॉट, मनाने में जुटा प्रशासन

Sun, 14 Aug 2022 11:48 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)

सार

शहीद सुखदेव थापर के वंशज और शहीद सुखेदव थापर मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक थापर ने सरकार की तरफ से स्वतंत्रता दिवस समारोह के मिले निमंत्रण को अस्वीकार करते हुए कहा कि पिछले एक वर्ष से शहीद सुखदेव थापर की जन्मस्थली के सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख की राशि जारी की गई थी।
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शहीद सुखदेव। - फोटो : फाइल
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विस्तार
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पंजाब में स्वतंत्रता दिवस का राज्यस्तरीय समारोह सोमवार को लुधियाना में आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान मुख्य मेहमान के रूप में शामिल होंगे। वहीं छोटी उम्र में ही देश पर मर मिटने वाले शहीद सुखदेव थापर के वंशजों ने इस कार्यक्रम के बायकाट करने का एलान कर दिया है।

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इसके बाद अब प्रशासन की परेशानी बढ़ गई है कि देश पर अपनी जान न्यौछावर करने वाले शहीद सुखदेव थापर के परिवार को कैसे मनाया जाए। शहीद के वंशजों ने राज्य स्तरीय समारोह का बहिष्कार पिछले एक वर्ष से अधर में लटके जन्मस्थली के सौंदर्यीकरण व जन्मस्थली को चौड़ा बाजार से सीधा रास्ता देने की प्रक्रिया को बिना किसी कारण उलझाने के सरकारी प्रयासों के विरोध में किया है। 

शहीद सुखदेव थापर के वंशज और शहीद सुखेदव थापर मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक थापर ने सरकार की तरफ से स्वतंत्रता दिवस समारोह के मिले निमंत्रण को अस्वीकार करते हुए कहा कि पिछले एक वर्ष से शहीद सुखदेव थापर की जन्मस्थली के सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख की राशि जारी की गई थी। जो पिछली बार पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ से शहीद सुखदेव थापर के लिए भेजी गई थी और नगर निगम लुधियाना ने टेंडर लगा कार्य शुरू भी कर दिया था, मगर काम अभी भी अधूरा है। 
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उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिज्ञों की शह पर नगर निगम अधिकारियों ने सौंदर्यीकरण का कार्य पूरा करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने शहीद की प्रतिमा को साक्षी मानकर दो माह में सौंदर्यीकरण का कार्य मुकम्मल करने के बाद सीएम भगवंत मान के हाथों उद्घाटन करवाने का भरोसा शहीद के वंशजों को दिलाया था। मगर मंत्री बैंस की तरफ से दी गई उक्त समय सीमा भी समाप्त हो गई और लुधियाना में स्वतंत्रता दिवस में पंजाब के सीएम मान के शामिल होने के बावजूद शहीद की जन्मस्थली पर आने का कोई कार्यक्रम तय तक नहीं हुआ। ऐसे में जब देश के लिए फांसी का फंदा चूमने वाले शहीद सुखदेव के प्रति सरकार के दिल में कोई सम्मान नहीं हैं तो शहीद के वंशजों के सम्मान के तो मायने ही नहीं है। उन्होंने कहा जब तक शहीद सुखदेव को सम्मान नहीं मिलेगा उनके वंशज हर सरकारी कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगे।  

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने शहीद सुखदेव थापर को दी श्रद्धाजंलि 
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया अपने लुधियाना प्रवास के तहत रविवार को प्रदेश भाजपा महासचिव जीवन गुप्ता के साथ चौड़ा बाजार स्थित पंजाब के महान सपूत शहीद सुखदेव थापर के जन्मस्थान नौ घरां में नतमस्तक होने पहुंचे। यहां डॉ. मांडविया ने शहीद सुखदेव थापर की प्रतिमा के समक्ष नतमस्तक होकर श्रद्धाजंलि आर्पित की। केंद्रीय मंत्री को ऑल इंडिया शहीद सुखदेव थापर मेमोरियाल ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपा।

शहीद सुखदेव थापर को राष्ट्रीय शहीदों की सूची में शामिल करने और शहीद थापर के नाम पर डाक टिकट जारी करने की मांग की। वहीं लुधियाना स्टेशन का नाम शहीद सुखदेव के नाम पर रखने की मांग की। शहीद के जन्म स्थान तक पहुंचने के लिए चौड़ा बाजार से रास्ता देने की मांग भी की। 

डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि पंजाब गुरुओं, वीरों और बलिदानियों की पवित्र धरती है। पंजाब के महान वीर सपूतों ने भारत की आजादी में अद्वितीय योगदान देते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है। जिसे देश कभी नहीं भुला सकता है और न ही उनका ऋण चुका सकता है। 

शहीद सुखदेव थापर के ट्रस्टियों व वंशज अशोक थापर, संदीप गोरा थापर, त्रिभुवन थापर ने डॉ. मनसुख मांडविया को सम्मानित भी किया। अशोक थापर ने कहा कि तीन महीने पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी, नड्डा यहां नतमस्तक होने आए थे और तीन महीने बाद केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया शहीद स्थल पर नतमस्तक होने पहुंचे हैं। इससे यह बात स्पष्ट होती है कि केंद्र की मोदी सरकार के दिल में शहीदों के प्रति विशेष सम्मान है। शहीदों के परिवारों की तरफ से वह मोदी सरकार का धन्यवाद करते हैं। 
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