लुधियाना में होजरी का गढ़ माने जाने वाले इलाके सुंदर नगर में मुथूट फाइनेंस कंपनी में लूट की कोशिश पहली वारदात नहीं है। इससे पहले भी हथियारबंद लुटेरों ने दुगरी रोड पर इसी कंपनी के दफ्तर को अपना टारगेट बनाया था। उस समय लुटेरे बड़े आराम से ब्रांच में घुस गए थे। समय रहते इलाके के लोगों ने उस वारदात को कामयाब होने से बचा लिया था। इस दौरान गोलियां भी वहां चली थीं। उसके बाद लुटेरों ने गिल रोड पर भी एक फाइनेंस कंपनी के दफ्तर से करीब 32 किलो सोने के जेवरात लूट लिए थे।
ये भी पढ़ें-
लुधियाना: फाइनेंस कंपनियां पंजाब पुलिस के आदेशों का नहीं कर रहीं पालन, डोर फ्रेम नहीं लगाने पर मुथुट कंपनी के अफसरों को नोटिस
ग्राहक बनकर आए थे लुटेरे
उस वारदात में कुछ लुटेरे तो पकड़े गए थे, पर कुछ का कोई पता नहीं लगा है। शनिवार को भी वारदात को अंजाम देने से पहले लुटेरे ग्राहक बनकर अंदर घुसे थे। गनीमत रही कि सुरक्षा कर्मचारी का दिमाग काम कर गया और उसने लूट की बड़ी वारदात को होने से बचा लिया। हांलाकि इस मामले में एक लुटेरे की जान भी चली गई।
रेकी और प्लानिंग के साथ वारदात को अंजाम देने की थी कोशिश
सुंदर नगर की मुथूट फाइनेंस कंपनी की ब्रांच में लूट करने के लिए लुटेरे ऐसे ही नहीं गए। उन्होंने इस वारदात को अंजाम देने से पहले रेकी कर प्लानिंग की थी कि कितने बजे लूट की वारदात को अंजाम देना है और कैसे और किस रास्ते से फरार होना है। लुटेरों को जानकारी थी कि सुबह के समय जब ब्रांच खुलती है, तो सिर्फ कुछ ही लोग स्टाफ के होते हैं। लुटेरों को यह नहीं पता था कि सुरक्षा गार्ड भी गोली चला देगा और उनकी लूट की प्लानिंग धरी की धरी रह जाएगी और एक साथी भी मारा जाएगा।
ये भी पढ़ें-
अमृतसर: बाप-बेटे ने पैसे दोगुने करने का झांसा देकर 70 लाख ठगे, चिटफंड कंपनी के नाम पर लगाया चूना
कई दिन से हो रही थी रेकी
सूत्रों के मुताबिक पुलिस पिछले कुछ दिनों की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी चेक करने में जुटी है, ताकि पता चल सके कि आरोपी कितने दिन से रेकी कर रहे थे और उनके साथ उस समय कौन-कौन था। हैरानी की बात यह है कि जिस जगह पर ब्रांच है, उसी बिल्डिंग में नीचे भी यूनियन बैंक की ब्रांच है और आसपास भी लगभग बैंक ही हैं। आरोपी इतने भीड़भाड़ वाले इलाके में अगर लूट की वारदात को अंजाम देने में सफल हो जाते, तो वह कैसे फरार होते, यह भी पूरी तरह से प्लान किया हुआ था।
छत के जरिये हुए फरार, लोग बोले-उन्हें नहीं पता
बताया जा रहा है कि जिस समय सुरक्षा गार्ड सुरजीत कुमार ने शटर बंद किया और गोली मारकर लुटेरे को ढेर कर दिया था, उसके बाद शटर खुलते ही लुटेरे चकमा देकर फरार हो गए। ब्रांच मुलाजिमों और पुलिस के मुताबिक आरोपी छत के जरिये कूदकर पिछले रास्ते से फरार हो गए, जबकि साथ वाली गली में कुछ घर हैं।
ये भी पढ़ें-
पवन खेड़ा का बड़ा बयान: पंजाब और हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी नहीं, नेताओं की कार्यप्रणाली अलग-अलग
वहां लोगों से पूछताछ की गई, तो उन्होंने कहा कि कुछ पता नहीं कि लुटेरे आए या नहीं। पड़ोसी ने बताया कि उन्हें नहीं पता कि लुटेरे कब घुसे। जब गोलियां चलीं, तो उन्होंने सोचा कि पटाखे चल रहे हैं, जब शोर मचा तो पता चला कि ऊपर कंपनी में लूट की कोशिश हुई है और मैनेजर को गोली लगी है और लुटेरा ढेर हो गया है। जिसके बाद वे सब हैरान हो गए।
आम नहीं हैं हथियार, कहां से आए लुटेरों के पास
सूत्रों की मानें तो तीन लुटेरों में से दो के पास हथियार थे। पुलिस को आरोपियों से जो हथियार मिले, वह 9 एमएम के हैं। यह हथियार आम नहीं है। यह हथियार पुलिस अधिकारियों और मुलाजिमों के पास होते हैं। आम लोगों के पास यह हथियार कम मात्रा में होते हैं। ऐसे हथियार आम लोगों को रखने की जल्दी इजाजत नहीं मिलती। जो लाइसेंसी हथियार आम लोगों को दिए जाते हैं, वे नॉन प्रैहपटिड बोर के होते हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह हथियार कहां से खरीदे गए हैं।
ये भी पढ़ें-
चुनाव: हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ बार एसोसिएशन के चुनाव का कार्यक्रम जारी, 17 दिसंबर की तारीख तय
आरोपियों की तलाश जारी: पुलिस कमिश्नर
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत भुल्लर ने बताया कि वारदात के बाद सभी थानों को तुरंत अलर्ट कर दिया गया और पुलिस लुटेरों की तलाश में लग गई थी। दो हथियार भी बरामद हुए हैं। अलग अलग थ्योरियों पर काम किया जा रहा है। लूट की इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने से बचाने वाले सिक्योरिटी गार्ड सुरजीत कुमार को सम्मानित किया जाएगा। जिस बहादुरी से उसने अपनी जान की परवाह किए बगैर ऐसा किया है, वे सम्मान के हकदार हैं।