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अमृतसर में जलियांवाला बाग के शहीदों के स्मारक पर शुरू हुई सियासत

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अमृतसर। पंजाब सरकार की ओर से जलियांवाला बाग के शहीदों की स्थापित की जाने वाली यादगार पर सियासत शुरू हो गई है। जलियांवाला बाग से पांच किलोमीटर दूर स्थित आनंद पार्क में बनने वाले स्मारक का विरोध जलियांवाला बाग मेमोरियल ट्रस्ट के ट्रस्टी व सांसद श्वेत मलिक ने किया है। मलिक ने आरोप लगाते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह शहीदों के नाम पर घटिया सियासत पर उतर आएं हैं।
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मलिक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को सात दशक तक इस एतिहासिक बाग के विकास का कोई भी ध्यान नहीं था। अब प्रदेश में विधानसभा के चुनाव नजदीक हैं। हर फ्रंट पर फेल कैप्टन अमरिंदर स्मारक की स्थापना कर सियासी लाभ लेने के जुगाड़ में हैं। कैप्टन ने शताब्दी समारोह के अवसर पर राहुल गांधी की मौजूदगी में दावा किया था की इस एतिहासिक बाग का विकास कराया जाएगा। कैप्टन बताएं की उनकी सरकार ने यहां कौन सा विकास करवाया है।
उन्होंने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू से लेकर कांग्रेस की कार्यवाहक अध्यक्ष सोनिया गांधी इस ट्रस्ट के ट्रस्टी रही हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कभी भी शहीद स्थली के विकास के लिए कोई भी काम नहीं किया है। जब वह राज्यसभा सदस्य बने तो उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जलियांवाला बाग का विकास कराने का अनुरोध किया था। तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली, तत्कालीन संस्कृति मंत्री महेश शर्मा व मंत्री हरदीप पुरी ने जलियांवाला बाग का डोरा कर इसके सौंदर्यीकरण का फैसला किया था। केंद्र सरकार ने सोनिया गांधी की अगवाई के ट्रस्ट को भंग कर नया ट्रस्ट स्थापित किया था। केंद्र सरकार ने जलियांवाला बाद के विकास के लिए 20 करोड़ रुपये खर्च किए है। उल्लेखनीय है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह 25 जनवरी को आनंद पार्क में स्मारक स्थापित करने का नींव पत्थर रखने के लिए एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
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अब रात नौ बजे तक खुलेगा जलियांवाला बाग
सांसद मलिक ने बताया जलियांवाला बाग अब रात नौ बजे तक पर्यटकों के लिए खुला रहेगा। इसके लिए वहां 250 किलोवाट का ट्रांसफार्मर स्थापित किया जा रहा है। नई सीवरेज लाइन डाली गई है।ब हुत जल्द प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बाग का उद्घाटन करेंगे। विकास कार्य को करते समय बाग की विरासत के साथ कोई भी छेड़छाड़ नहीं हुई है। पर्यटकों को कोई भी टिकट नहीं लेनी होगी।
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