पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष और विधायक नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि वह फैसले लेने के अधिकार के बिना काम नहीं कर सकते। उन्हें अगर मुकम्मल तौर पर फैसले लेने का अधिकार दिया गया तो पंजाब में अगले 20 सालों तक कांग्रेस की ही सरकार रहेगी।
सिद्धू ने यह बात अपने सलाहकार के इस्तीफा देने के बाद गुरुवार रात अमृतसर के एक रिसोर्ट में पंजाब के व्यापारियों और उद्योगपतियों के एक कार्यक्रम में कही। सिद्धू ने कहा कि अगर उन्हें फैसले लेने का अधिकार नहीं दिया जाता तो वह किसी की मदद नहीं कर सकते। वे व्यापारियों और उद्योगपतियों के लिए जाती हुई बहार में आशा की एक नई उम्मीद लेकर आए हैं।
सरकार बनने पर उन्होंने एक बार फिर पंजाब को एशिया की सबसे बड़ी मंडी बनाने की बात कही और दावा किया कि वे उद्योग के लिए नई नीति लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि आज भी हमारा माल 36 देशों तक जाता है लेकिन मौजूदा हालात में पंजाब की अर्थव्यवस्था चरमराकर रह गई है। उन्होंने व्यापारियों को तीन रुपये प्रति यूनिट बिजली देने की भी बात कही और कहा कि जरूरत पड़ी तो बिजली समझौते रद्द करवाने के लिए अपनी जान की बाजी भी लगा देंगे।
इस अवसर पर अलग-अलग ट्रेड एंड इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं के प्रति सिद्धू को अवगत करवाया। व्यापारियों और उद्योगपतियों ने कड़े तेवरों के बीच कहा कि उन्हें कारोबार करने का माहौल दिया जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के प्रधान रंजन अग्रवाल ने सिद्धू से कहा कि हाल ही में लुधियाना के कारोबारियों का एक शिष्टमंडल यूपी के मुख्यमंत्री से बात करके आया है ताकि अपने उद्योग को वहां शिफ्ट कर सकें। अगर ऐसा हुआ तो प्रदेश के उद्योग को बड़ा झटका लगेगा। इसलिए जरूरी है कि बिजली की समस्या हल करते हुए पड़ोसी राज्यों की तर्ज पर उन्हें राहत दी जाए। वहीं उद्योगपति कमल डालमिया ने कहा कि चुनावों से पहले सरकार ने उद्योगों के लिए पांच रुपये प्रति यूनिट बिजली देने की बात कही मगर सरकार बनने के बाद व्यापारियों के साथ किया यह वादा ही भूल गए।