अमृतसर। भारत सरकार ने दीवाली से पहले गुजरात की कच्छ जेल में बंद पाकिस्तानी 10 मछुआरों की रिहाई कर दी है। रिहाई के बाद मंगलवार को इनका इमीग्रेशन और कस्टम चेक किए जाने के बाद बीएसएफ अधिकारियों ने इन्हें अटारी-वाघा जीरो लाइन पर पाक रेंजर्स के सुपुर्द कर दिया। गुजरात पुलिस की टीम इन्हें लेकर सोमवार देर रात अमृतसर पहुंची थी।
जानकारी के मुताबिक गुजरात के कच्छ की जेल से रिहाई पाने वालों में पाकिस्तान के इब्राहीम, अली अजगर, अली मोहम्मद, रुस्तम अली, शौकत अली, माजिद, अली हसन, अली असगर के नाम शामिल थे। इनकी उम्र 25 साल से लेकर 24 साल के बीच है। यह पाकिस्तानी मछुआरे करीब 4 से 5 साल पहले मछली पकड़ने के दौरान भारतीय सीमा में घुस गए थे, जिन्हें कोस्टल गार्ड ने गिरफ्तार कर इनकी कश्ती व अन्य सामान अपने कब्जे में ले लिया था।
ज्वाइंट चेक पोस्ट (जेसीपी) अटारी पर तैनात पंजाब पुलिस के प्रोटोकाल अधिकारी अरुणपाल माहल ने बताया कि जहां से इन्हें कच्छ जेल में भेज दिया। अदालत में सुनवाई के दौरान इन्हें 3 से 4 साल तक की सजा हुई थी। सोमवार को जेल से रिहा किए जाने के बाद गुजरात पुलिस की टुकड़ी इन्हें कल देर रात लेकर अटारी (अमृतसर) पहुंची। अटारी पहुंचने पर इन्हें घरिंडा थाना के प्रभारी लवप्रीत सिंह ने बीती रात थाने में रखा और आज सुबह इन्हें अंतरराष्ट्रीय बार्डर अटारी लाया गया। जेसीपी अटारी पर इनका इमीग्रेशन करने के बाद कस्टम चेक किया और बीएसएफ के अधिकारी इन्हें जीरो लाइन पर ले आए। जहां से बीएसएफ अधिकारियों ने इन पाक मछुआरों को पाक रेंजर्स के सुपुर्द कर दिया।