अमृतसर। सरबत द भला ट्रस्ट के संस्थापक डॉ. एसपीएस ओबराय के प्रयास के बाद रविवार को दुबई से दो युवकों के शव वतन लाए गए। परिवार को आर्थिक तंगी की हालात से बाहर निकालने के लिए यह दोनों युवक दुबई गए थे। दोनों की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। ट्रस्ट प्रतिनिधियों ने श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर दोनों शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए।
डॉ. ओबराय ने बताया कि मोहाली की तहसील खरड़ के सुशील यादव (32) और पटियाला जिला के गांव जस्सोमाजरा के रहने वाले मनप्रीत सिंह परिवारों को आर्थिक तंगी से निकालने के लिए मेहनत मजदूरी करने के लिए दुबई गए थे। सुशील के भाई अनिल यादव और मनप्रीत के भाई गुरबचन सिंह ने बताया कि दोनों कुंवारे ही थे। अनिल यादव ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के जिला माओ से है। उनके पिता एक स्कूल से बतौर माली सेवामुक्त हुए हैं। वर्ष 1991 में जन्मा सुशील 2018 में दुबई गया था। मनप्रीत के भाई ने बताया कि उनका भाई तो अभी दो-तीन माह पहले ही दुबई गया था और कुछ दिन पहले यह मनहूस हादसा हो गया। डा. ओबराय ने बताया कि दोनों युवकों के परिवारों की वित्तीय हालत ठीक न होने से सुशील और मनप्रीत दुबई में मेहनत-मजदूरी करने गए थे। दोनों युवकों के शव भारत लाने में जहां दुबई में स्थित भारतीय दूतावास का सहयोग रहा, वहीं उनके निजी सहायक बलदीप सिंह चहल की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही।