परिवार को आर्थिक तंगी से निकालने के लिए दुबई गए रसूलपुर मल्लां के युवक का शव रविवार को भारत लाया गया। वह कुछ समय पहले ही दो अन्य लड़कों के साथ मजदूरी करने के लिए दुबई गया था।
लुधियाना की तहसील जगरांवा के इस युवक को एजेंट ने एक माह तक कमरे में रखा, जिसके चलते वह मानसिक तौर पर परेशान हो गया और उसकी हालत बिगड़ गई। एजेंट ने उसे अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां 28 जुलाई को उसकी मौत हो गई।
सरबत का भला ट्रस्ट के संस्थापक डॉ. एसपीएस ओबराए ने परिजनों की मदद की गुहार के बाद दुबई में सारी दस्तावेजी कार्रवाई करवाने के बाद शव को भारत भिजवाया। ट्रस्ट के सदस्यों ने श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शव को हासिल करने के बाद मृतक के परिजनों को सौंपा।
ट्रस्ट के संस्थापक डॉ. ओबराए ने बताया कि 22 वर्षीय अरबिंदर सिंह दो अन्य लड़कों के साथ दुबई गया था। एक लड़का तो आबूधाबी चला गया और एक लड़का वापस भारत लौट आया, लेकिन अरबिंदर वहीं रहा और एजेंट ने उसे करीब एक महीना तक कमरे के अंदर ही रखा। इस कारण अरबिंदर मानसिक दबाव में आ गया, उसने इस बारे में फोन कर घरवालों को भी बताया। इसके बाद अरबिंदर के भाई ने एजेंट को फोन कर उसे दवा दिलाने को कहा। अस्पताल में 28 जुलाई को उसकी मौत हो गई।
पीड़ित परिवार ने समाजसेवी गुरपिंदर सिंह खालसा के जरिए उनसे संपर्क कर अरबिंदर का शव भारत लाए जाने की गुहार लगाई थी। एयरपोर्ट पर शव लेने पहुंचे मृतक के पिता गुरमेल सिंह, भाई गुरदीप सिंह, लवप्रीत सिंह, प्रितपाल सिंह, भान सिंह और दर्शन सिंह ने डॉ. ओबराय का आभार जताया है।