पूर्व कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी ने सोमवार को अपनी मदर पार्टी (भाजपा) को बिना आदर्श और सिस्टम वाली पार्टी बताया। उन्होंने भाजपा के विधायकों को रिमोट कंट्रोल से चलने वाले मुलाजिम बताया और कहा कि इनका कोई विश्वास नहीं करता। जब पंजाब के किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर बात करनी होती है, तो दिल्ली से यहां आकर विधायक प्रेस कांफ्रेंस करते हैं। वे शिअद (बादल) में शामिल होने के बाद सोमवार को श्री दरबार साहिब में माथा टेकने पहुंचे थे। वहां एसजीपीसी की ओर से सिरोपा देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद वे अपने साथियों के साथ श्री दुर्ग्याणा मंदिर में माथा टेकने पहुंचे। इस दौरान जोशी ने कहा कि भगवा और खालसाई रंग में कोई अंतर नहीं। उन्होंने कहा कि वे मंगलवार को श्री रामतीर्थ मंदिर में भी माथा टेकने जाएंगे।
भाजपा को अलविदा कहने के सवाल के जवाब में जोशी ने कहा कि उन्होंने पार्टी को नहीं छोड़ा बल्कि उन्हें पार्टी से निकाला गया है। उनका कसूर इतना था कि वे पंजाब में पार्टी के वर्करों के सम्मान और किसानों के मुद्दों पर चिंतित थे और उन्होंने पार्टी हाईकमान को इसका हल करने की बात कही थी।
अनिल जोशी ने शिअद में शामिल होने बाबत पूछे जाने पर कहा कि बहुत सोच विचार कर उन्होंने यह फैसला लिया है। वे अकेले ही अकाली दल में शामिल नहीं हुए बल्कि उनके साथ लुधियाना से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ चुके कमल जेटली सहित पार्टी के कई अन्य लोग भी अकाली दल पार्टी का हिस्सा बने हैं। उन्होंने कहा कि अकाली दल का हिस्सा बनने पर उन्हें कुछ भी अजीब नहीं लगा। पहले भी उन्होंने दस वर्षों तक अकाली दल के साथ मिलकर पंजाब और पंजाबियत के हितों के लिए काम किया है। वे पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह के सौहार्द और हिंदू-सिख भाईचारे की सोच से बहुत प्रभावित हैं और अकाली दल में शामिल होने का भी उनका यही कारण है।
आप की ओर से उनके लिए अनाप-शनाप आरोप लगाए जाने के बारे में जोशी ने कहा कि भगवंत सिंह मान खुद अपनी पार्टी में घुटन महसूस करते हैं। आम आदमी पार्टी ने एक-एक हलके में 5-6 लोगों को पोस्टर लगाने के लिए जिम्मेदारी दी है, जबकि विधायकों के लिए टिकट बांटे जाने के वक्त ही पार्टी में बम फूटेगा। वहीं कांग्रेस को पूरी तरह से फेल पार्टी बताते हुए कहा कि कैप्टन की सरकार ने न तो किसानों के साथ कर्ज माफी के किए वादे पूरे किए और न ही स्कूल के विद्यार्थियों को मोबाइल देने का दावा पूरा किया। उद्योगपतियों का तो कांग्रेस शासन में बुरा हाल हो चुका है।
28 अगस्त को करेंगे रैली, सुखबीर बादल होंगे शामिल
पूर्व कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी 28 अगस्त को अपने हलके में शिअद की पहली रैली करेंगे। गोल्डन गैलेक्सी रिजोर्ट में होने वाली इस रैली में अकाली दल के प्रधान व पंजाब के पूर्व डिप्टी मुख्यमंत्री सुखबीर बादल शामिल होंगे। अकाली दल की सरकार बनने पर उप मुख्यमंत्री बनाए जाने के सवाल के जवाब में जोशी ने कहा कि पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी उसे वे पूरी ईमानदारी से निभाएंगे।