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बच्चे का नाम रखा 'बॉर्डर': पाकिस्तानी हिंदू महिला ने बच्चे को दिया जन्म, अटारी बॉर्डर पर कर रही वतन लौटने का इंतजार

Sun, 05 Dec 2021 04:45 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

99 पाकिस्तानी नागरिक पाकिस्तान लौटने के इंतजार में 71 दिनों से अटारी बॉर्डर के बाहर रैन बसेरा बना कर बैठे हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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पाकिस्तान लौटने के इंतजार में अटारी बॉर्डर पर एक पाकिस्तानी हिंदू महिला ने यहां जन्में अपने बच्चे का नाम ही बॉर्डर रख दिया। यह महिला उन 99 पाकिस्तानी नागरिकों के दल में शामिल है जो अटारी बॉर्डर के बाहर रैन बसेरा में बैठे हैं। यह वहीं लोग हैं जो कि भारत में लॉकडाउन लगने के पहले अपने रिश्तेदारों से मिलने और धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए आए थे। 

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वतन लौटने के इंतजार में अटारी सीमा के बाहर रैन बसेरा में रह रही पाकिस्तानी हिंदू महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया है। इस दौरान सीमांत गांव अटारी के आसपास के लोगों ने जहां इस महिला को मेडिकल सुविधा मुहैया करवाई, वहीं उनकी हर तरह से मदद भी की। गौरतलब है कि भारत में लॉकडाउन लगने से पहले भारत में अपने रिश्तेदारों से मिलने और धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए आए 99 पाकिस्तानी नागरिक अभी यहीं फंसे हैं।

इनमें बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। किसी न किसी तकनीकी खामी के चलते यह भारत से अपने वतन नहीं लौट पा रहे। करीब 71 दिन पहले यह पाकिस्तानी नागरिक वतन लौटने के लिए राजस्थान सहित भारत के अन्य प्रदेशों से अटारी सीमा पर पहुंचे थे। क्योंकि इनके पास अटारी सीमा सड़क रास्ते से पाकिस्तान लौटने की इजाजत नहीं है तो पाक रेंजर्स ने इनको लेने से मना कर दिया।
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तभी से यह लोग अटारी सीमा के बाहर रैन बसेरा बनाकर रह रहे हैं। रैन बसेरा में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों में निंबू बाई नामक महिला गर्भवती थी और वह यहीं आस-पास के डॉक्टरों से जांच करवा रही थी। दो दिसंबर को अचानक ही उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई, तो आस-पास के गांव की महिलाएं उसकी मदद के लिए वहां पहुंच गई। गांव के लोगों ने जहां तुरंत उसे मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाई, वहीं उनकी जरूरत के अनुसार कुछ सामान भी दिया। 

दस्तावेज पूरे नहीं होने से नहीं जा पा रहे वापस

पाकिस्तान के जिला रहमिया के गांव राजनपुरा निवासी नवजन्मे बच्चे के पिता बालम राम ने बताया कि इमीग्रेशन विभाग के मुताबिक उनके दस्तावेज पूरे नहीं हैं, जिसके चलते उन्हें यहां रुकना पड़ा और 2 दिसंबर को उनके घर एक बच्चे ने जन्म लिया। क्योंकि बच्चे का जन्म अटारी बॉर्डर पर हुआ है, तो उन्होंने इसका नाम बॉर्डर रख दिया है। बच्चे के बड़ा होने पर उसे उसके बॉर्डर नाम रखे जाने के हालातों के बारे बताया जाएगा।

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