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कृषि कानूनों का विरोध: भाजपा के राज्यसभा सांसद श्वेत मलिक के घर के बाहर धरने पर बैठे किसान की मौत

Fri, 17 Sep 2021 07:29 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

पंजाब के अमृतसर में भाजपा के राज्यसभा सांसद श्वेत मलिक के घर के बाहर धरने पर बैठे किसान की मौत हो गई। गुरुवार की रात सोने के बाद किसान दोबारा नहीं जागा। किसान संगठनों ने मृतक किसान अंग्रेज सिंह को शहीद का दर्जा दिया। अंग्रेज सिंह अजनाला के गांव मालपुर के रहने वाले थे। 
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मृतक किसान की फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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अमृतसर में भाजपा के राज्यसभा सदस्य श्वेत मलिक के घर के बाहर कृषि कानूनों के खिलाफ धरना दे रहे एक किसान की मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। संयुक्त मोर्चा ने अंग्रेज सिंह को शहीद का दर्जा दिया है। अंग्रेज सिंह का बेटा आज्ञा सिंह 10 साल पहले ही शिक्षा के लिए कनाडा चला गया, जबकि बेटी पवनप्रीत कौर यहीं पढ़ाई कर रही है।

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जानकारी के मुताबिक अजनाला के गांव मालपुर का रहने वाले 45 वर्षीय किसान अंग्रेज सिंह गुरुवार की रात खाना खाने के बाद अपने साथियों के साथ सोए थे लेकिन शुक्रवार सुबह वह उठे ही नहीं। अंग्रेज सिंह की मौत का पता तब चला जब सुबह उसके साथियों ने उसे जगाने का प्रयास किया।
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अंग्रेज सिंह के चचेरे भाई राजपाल सिंह ने बताया कि कृषि कानूनों के विरोध में अमृतसर में राज्यसभा सांसद श्वेत मलिक के घर के बाहर किसान 27 सितंबर 2020 से किसानों ने मोर्चा खोल रखा है। एक सप्ताह के बाद उनकी मोर्चे पर ड्यूटी लगाई जाती थी। वह गुरुवार की सुबह ही श्वेत मलिक के घर के बाहर पहुंचे थे। सुबह करीब पांच बजे किसानों ने अंग्रेज सिंह को जगाने का प्रयास किया।
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कीर्ति किसान मोर्चा के प्रदेश प्रेस सचिव जतिंदर सिंह छीना ने बताया कि अंग्रेज सिंह संयुक्त मोर्चा का सबसे ज्यादा सक्रिय सदस्य थे। वे सिंघु बार्डर भी गए और वहां भी केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। उन्होंने बताया कि अमृतसर में किसान आंदोलन के लिए जब भी अंग्रेज सिंह की सेवाओं की जरूरत पड़ी तो वे हमेशा हाजिर रहे। अंग्रेज सिंह ने किसान मोर्चे के लिए शहादत दी है। उन्होंने बताया कि सरकार के आदेश के मुताबिक अंग्रेज सिंह के परिवार को हर सुविधा दी जाएगी और परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी दी जाएगी।

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