पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हो रही लगातार बरसात के कारण गंगा के जलस्तर में बढ़ाव शुरू हो गया है। वाराणसी में चार सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हो रही जलस्तर में बढ़ोत्तरी से तटीय इलाके में रहने वालों की धुकधुकी फिर से बढ़ गई है। बीते माह बाढ़ का दंश झेल चुकी जनता फिर से बाढ़ के डर से सहमी हुई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर 64.55 मीटर तक पहुंच गया है।
इधर, दो दिन से झमाझम बारिश की वजह से कई दिनों से उमस झेल रहे लोगों को भले ही राहत मिली हो लेकिन जगह-जगह जलभराव आफत बन गई। शहरी और ग्रामीण इलाकों में प्रमुख सड़कों के साथ ही कॉलोनियों में भी पानी जमा होने से लोगों का राह चलना दूभर हो गया है तो बिजली कटौती से अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। इस वजह से जनजीवन भी प्रभावित होने लगा है।आगे की स्लाइड्स में देखें..
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बनारस में गंगा का जलस्तर 64.51 मीटर पहुंचा
- फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 64.01 मीटर दर्ज किया गया। 12 घंटे में गंगा के जलस्तर में 54 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई है। दोपहर 2 बजे गंगा का जलस्तर 64.34 था। सुबह 8 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक गंगा के जलस्तर में 33 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई। शाम को पांच बजे गंगा का जलस्तर 64.44 मीटर, छह बजे 64.47 मीटर और सात बजे 64.51 मीटर था। सुबह से लेकर तीन बजे तक गंगा के जलस्तर में चार सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो रही थी।
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बनारस में गंगा का जलस्तर 64.51 मीटर पहुंचा
- फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार को तीन बजे से छह बजे शाम तक यह तीन सेंटीमीटर प्रतिघंटा हो गई लेकिन छह बजे के बाद गंगा के जलस्तर में चार सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ोत्तरी शुरू हो गई थी। गंगा ने अगस्त माह में अपना रौद्र स्वरूप दिखाया था। हालांकि अभी गंगा खतरे के निशान से छह मीटर नीचे बह रही हैं। बनारस में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 और खतरे का निशान 71.262 मीटर है।
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बनारस में बारिश
- फोटो : अमर उजाला
मौसम विभाग के अनुसार वाराणसी में दो दिन में 120 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड किया गया। अभी दो तीन दिन ऐसे ही मौसम बने रहने के आसार हैं। बारिश में लोगों को बिजली कटौती का संकट भी झेलना पड़ा। कहीं ट्रांसफार्मर जल गया तो कहीं पोल से तार टूटकर गिरने की वजह से अधिकांश इलाकों में बिजली कटौती जारी रही
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बनारस में बारिश
- फोटो : अमर उजाला
बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से ही वाराणसी समेत आसपास के जिलों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। बुधवार सुबह से शुरू तेज हवा संग झमाझम बारिश बृहस्पतिवार को रूक-रूक कर होती रही। इसका असर रहा कि शहर के कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया। इस वजह से लोगों को रास्ते पर चलने में परेशानी हुई।
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बनारस में बारिश
- फोटो : अमर उजाला
पानी इतना अधिक था कि कई जगह पर बाइक तक बंद हो गई। लोग आसपास के बाइक बनाने वालों के पास अपनी बाइक लेकर बनवाने के लिए खड़े रहे। सामनेघाट, लहरतारा, संकट मोचन मार्ग, ककरमत्ता, लहरतारा बौलिया आदि जगह पर सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई। इस वजह से दुघर्टना की आशंका बनी रही।
बारिश की वजह से बीएचयू परिसर में महिला महाविद्यालय के पास अचानक विशालकाय पेड़ उखड़ गया। यह तो ठीक था कि बाहर कोई खड़ा नहीं था। इसके अलावा छात्र अधिष्ठाता कार्यालय के पास भी एक पेड़ कार पर गिर गया। वहीं कई जगहों पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित रहा।