दो दिन से झमाझम बारिश की वजह से कई दिनों से उमस झेल रहे लोगों को भले ही राहत मिली हो लेकिन जगह-जगह जलभराव आफत बन गया। शहरी और ग्रामीण इलाकों में प्रमुख सड़कों के साथ ही कॉलोनियों में भी पानी जमा होने से लोगों का राह चलना दूभर हो गया है तो बिजली कटौती से अंधेरे में रहने को मजबूर है। सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई। इस वजह से जनजीवन भी प्रभावित होने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार दो दिन में 120 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
हालांकि अभी दो तीन दिन ऐसे ही मौसम बने रहने के आसार हैं। बारिश में लोगों को बिजली कटौती का संकट भी झेलना पड़ा। कहीं ट्रांसफार्मर जल गया तो कहीं पोल से तार टूटकर गिरने की वजह से अधिकांश इलाकों में बिजली कटौती जारी रही। इसमें शहर में मंडुवाडीह, चेतगंज, नईसड़क, फरीदपुर, सामनेघाट, अर्दलीबाजार, सुंदरपुर आदि कई इलाकों में तो रात में घंटों बिजली गुल रही। बारिश होते रहने की वजह से इसकी मरम्मत भी समय से नहीं हो पा रहा थी। आगे की स्लाइड्स में देखें
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बीएचयू में व्यवस्था बदहाल, अस्पताल बना तरणताल
- फोटो : अमर उजाला
लोग विद्युत उपकेंद्र पर फोन कर बिजली आपूर्ति बहाल होने की जानकारी लेते रहे। इसमें बारिश और हवा की वजह से तार ट्रिपिंग की समस्या भी बनी रही। उधर, तेज बारिश की वजह से कुछ इलाकों में सुरक्षा के लिहाज से भी कटौती की गई।
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बारिश के कारण गिरा पेड़
- फोटो : अमर उजाला
बारिश की वजह से सबसे अधिक परेशानी पेड़ गिरने से हुई। बीएचयू परिसर में महिला महाविद्यालय के पास अचानक विशालकाय पेड़ उखड़ गया। यह तो ठीक था कि बाहर कोई खड़ा नहीं था। अगर वहां कोई होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। इसके अलावा छात्र अधिष्ठाता कार्यालय के पास भी एक पेड़ कार पर गिर गया।
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बीएचयू में व्यवस्था बदहाल, अस्पताल बना तरणताल
- फोटो : अमर उजाला
बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से ही वाराणसी समेत आसपास के जिलों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। बुधवार सुबह से शुरू तेज हवा संग झमाझम बारिश बृहस्पतिवार को रूक-रूक कर होती रही। इसका असर रहा कि औरंगाबाद, नई सड़क, नदेसर, बेनिया, गोदौलिया, भिखारीपुर, अंधरापुल, चौकाघाट, पक्कामहाल, लंका आदि इलाके पूरी तरह जलमग्न रहे।
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बारिश से शहर की सड़कों पर कीचड़
- फोटो : अमर उजाला
इस वजह से लोगों को रास्ते पर चलने में परेशानी हुई। पानी इतना अधिक था कि कई जगह पर बाइक तक बंद हो गई। लोग आसपास के बाइक बनाने वालों के पास अपनी बाइक लेकर बनवाने के लिए खड़े रहे। सामनेघाट, लहरतारा, संकट मोचन मार्ग, ककरमत्ता, लहरतारा बौलिया आदि जगह पर सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। इस वजह से दुघर्टना की आशंका बनी रही।
बीएचयू में व्यवस्था बदहाल, अस्पताल बना तरणताल
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दो दिन से झमाझम बारिश की वजह से कई दिनों से उमस झेल रहे लोगों को भले ही राहत मिली हो लेकिन जगह-जगह जलभराव आफत बन गई। शहरी और ग्रामीण इलाकों में प्रमुख सड़कों के साथ ही कालोनियों में भी पानी जमा होने से लोगों का राह चलना दूभर हो गया है तो बिजली कटौती से अंधेरे में रहने को मजबूर है। सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई। इस वजह से जनजीवन भी प्रभावित होने लगा है।