man mahal museum
- फोटो : amar ujala
इसके साथ ही बारिश की हल्की फुहार, घाट, गंगा का अवतरण, विश्व प्रसिद्ध रामलीला, नाग नथैया, भरत मिलाप, बनारसी साड़ी से लेकर काशी की मीनाकारी और काशी की पत्रकारिता के साथ ही काशी का साहित्य और यहां आने वाले ह्वेनसांग से लेकर रविन्द्र नाथ टैगोर तक की जानकारी हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध है। इस म्यूजियम को पूरा घूमने के लिए करीब एक घंटे का समय लग रहा है। सबसे खास बात यह है कि इन सबके बावजूद आपको महसूस नहीं होगा कि आप आभासी चीजों के देख रहे है या महसूस कर रहे है।