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डराने लगीं गंगा: काशी में हर घंटे चार सेमी बढ़ रहा जलस्तर, सुबह-ए-बनारस का मंच डूबा; तस्वीरों में देखें नजारा

Wed, 16 Jul 2025 09:45 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: काशी में गंगा डराने लगी हैं। सभी 84 घाट डूब चुके हैं। अस्सी घाट पर सुबह-ए-बनारस तक पानी पहुंच गया है। ऐसे में लोगों को बाढ़ का भय सताने लगा है। 
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Ganga ghat varanasi - फोटो : रोहित सोनकर
गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी का सिलसिला लगातार जारी है। मंगलवार को गंगा का पानी अस्सी घाट पर सुबह-ए-बनारस मंच का ज्यादातर हिस्सा डूब गया। वहीं, शीतला माता का विग्रह और मंदिर पूरी तरह से डूब गया। गंगा के जलस्तर को देखते हुए जल पुलिस ने मोटरबोट पर आरती देखने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। दशाश्वमेध घाट पर जल पुलिस चौकी तक पानी पहुंच चुका है।
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Ganga ghat varanasi - फोटो : रोहित सोनकर
मंगलवार को केंद्रीय जल आयोग की ओर से जारी बाढ़ बुलेटिन के अनुसार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 68.42 मीटर रिकॉर्ड किया गया। जलस्तर में चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही थी। जबकि दोपहर बाद दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ा। शाम सात बजे गंगा का जलस्तर 68.70 मीटर रिकॉर्ड किया गया जो चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर से 1.56 मीटर नीचे है। अस्सी घाट पर सुबह-ए-बनारस के मंच तक पानी पहुंच गया। 
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Ganga ghat varanasi - फोटो : एजेंसी
दशाश्वमेध घाट पर स्थित शीतला माता मंदिर में बीते देर रात पानी प्रवेश कर चुका था और शाम तक मंदिन डूब गया। मंदिर का सिर्फ ऊपरी हिस्सा ही पानी से बाहर दिख रहा है। गंगा के मंदिर में प्रवेश के चलते मां शीतला का मुखौटा बीती रात ही आरती के बाद अहिल्याबाई स्टेट में अहिलेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित कर दिया गया। मंगलवार से नित्य का राग-भोग व दर्शन-पूजन शुरू हो गया है। 

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Ganga ghat varanasi - फोटो : रोहित सोनकर
वहीं, नमो घाट पर नमस्ते स्कल्पचर का निचला हिस्सा भी डूब गया है। अस्सी से राजघाट के बीच घाट के सभी मंदिर जलमग्न हो चुके हैं। कई मंदिरों के तो सिर्फ शिखर ही नजर आ रहे हैं। जल पुलिस प्रभारी ने राजकिशोर पांडेय ने बताया कि दशाश्वमेघ घाट पर होने वाली गंगा आरती अब सांकेतिक रूप से होगी। मणिकर्णिका घाट पर छतों पर और हरिश्चंद्र घाट पर गलियों में शवदाह हो रहा है। 
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Ganga ghat varanasi - फोटो : एजेंसी
गंगा आरती के समय नाविक श्रद्धालुओं को नाव और मोटर बोट पर बैठाकर आरती दिखाते हैं। बढ़ते जलस्तर की वजह से इस पर रोक लगा दी गई है। घाटों पर सुरक्षा की दृष्टि से एनडीआरएफ और पीएसी तैनात की गई है। 

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Ganga ghat varanasi - फोटो : रोहित सोनकर
वरुणा कॉरिडोर पर चढ़ा बाढ़ का पानी
गंगा की सहायक नदी वरुणा के पलट प्रवाह और वरुणा कॉरिडोर में बढ़ते जलस्तर से शहर के बीच बसी आबादी (तटवर्ती क्षेत्र) में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। मंगलवार को हिदायत नगर और आसपास के मोहल्लों में बाढ़ का पानी तेजी से घुस गया। इससे कई घर जलमग्न हो गए। उधर, दीनदयालपुर के भोला मौर्या, शोभा, सोना देवी, नत्थू सोनकर, रफीक, संजय चौधरी, बरसाती राम, अजय चौधरी, भूषण मिस्त्री और मुन्ना के घर में पानी भर गया है। वहीं, हिदायत नगर में काजू, मिराज, सलमान और चुन्नू सहित कई परिवार बाढ़ से प्रभावित हैं। 
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Ganga ghat varanasi - फोटो : एजेंसी
तटवर्ती इलाके में रहने वालों की बढ़ीं मुश्किलें
नगवां नाले से पानी भीतर प्रवेश कर जाएगा। हरिजन बस्ती, सोनकर बस्ती, डुमरांव बाग कॉलोनी से पानी होते हुए साकेत नगर, रोहित नगर और बटुआ पुरा के कुछ हिस्से में प्रवेश कर जाएगा। सामने घाट स्थित ज्ञान प्रवाह पर चैनल गेट लगने के बाद से गंगा के भीतर प्रवेश करने का खतरा कम हो गया है।
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Ganga ghat varanasi - फोटो : रोहित सोनकर
रमना इलाके में शव स्थल के आगे तक पानी चढ़ गया है। पांच फीट के करीब पानी बढ़ने के बाद रमना टिकरी में सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूबने की आशंका है। नगवां प्राथमिक विद्यालय में राजस्व विभाग की तरफ से अमीन सुरेंद्र मिश्रा लगातार दौरा कर रहे हैं। 

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