गोवा शिपिंग यार्ड से चलकर दो माह बाद दो मंजिला क्रूज रविवार को बनारस पहुंच तो गया लेकिन अभी क्रूज में सवार होने के लिए पर्यटकों को एक माह का इंतजार करना पड़ेगा। पर्यटन अधिकारियों के अनुसार क्रूज संचालन के लिए टेंडर जारी किया जाएगा। संबंधित एजेंसी को टेंडर मिलने के बाद ही क्रूज का संचालन शुरू हो पाएगा। इस प्रक्रिया में एक माह का वक्त लग सकता है। मार्च से पहले गंगा में सुचारू रूप से क्रूज का संचालन संभव नहीं है।
गोवा शिपिंग यार्ड से बनकर आए क्रूज में बहुत से काम अभी कराना हैं, जिसमें चेयर फीटिंग, आकर्षक रंगरोगन, एलईडी स्क्रीन, किचन सेटअप सहित अन्य कई कार्य किए जाएंगे। कैप्टन सुरेश बाबू व कैप्टन वाईके परासर ने छह हजार किलोमीटर की दूरी तय करके गोवा से यह क्रूज लेकर वाराणसी के रविदास घाट पहुंचे हैं।
विधिवत मंत्रोच्चार के तहत यूपी टूरिज्म फेरी का स्वागत पर्यटन मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दो मंजिला क्रूज के संचालन से गंगा में पर्यटन को नई उड़ान मिलेगी। पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, क्रूज पर सवार होकर पर्यटक एक साथ 84 घाटों का नजारा ले सकेंगे।
आठ से दस किमी की रफ्तार से चलेगा यह क्रूज
कैप्टन वाईके परासर ने बताया कि 23 नवंबर को गोवा से समुद्र के रास्ते लेकर चलें। खासियत यह है कि गंगा में चलाने के लिए यह फेरी बनाया गया है। लेकिन खास बात यह भी है कि समुद्र का रास्ता तय करते हुए यह बनारस पहुंचा। आठ से 10 किमी की रफ्तार से ही क्रूज का संचालन गंगा की लहरों पर होगा। फेरी के सफलतापूर्वक संचालन को लेकर जलस्तर 1.4 मीटर होना चाहिए।