वाराणसी में जैसे-जैसे शाम हुई शहर स्वर्ग सा नजर आने लगा। दोपहर से ही लोग घाटों पर देवों की दिवाली देखने के लिए जम गए। दीयों से घाट जगमगा उठे। उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर 85 घाटों पर 12 लाख और जन सहभागिता से लगभग कुल 22 लाख दीप काशीवासी के घाटों, कुंडों, तालाबों और सरोवरों पर जलाए गए। पर्यटक गंगा पार रेती पर शिव के भजनों के साथ क्रैकर्स शो का भी आनंद ले सकेंगे। गंगा द्वार पर लेजर शो के माध्यम से श्री काशी विश्वनाथ धाम पर आधारित काशी का महत्व और कॉरिडोर के निर्माण संबंधित जानकारी लेजर शो के माध्यम से दिखाई गई।