छत्रपति शिवाजी के जीवन पर आधारित महानाट्य जाणता राजा का मंगलवार को शुभारंभ हुआ। सिद्ध पीठ हथियामठ पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर भवानी नंदन यति महाराज ने सिक्किम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य, केंद्रीय मंत्री डॉ.महेंद्र पांडेय की मौजूदगी में महानाट्य का उद्घाटन किया। पुणे से आए 200 से अधिक कलाकारों ने अपने बेहतरीन अभिनय से वहां मौजूद 10 हजार से अधिक लोगों को बांधे रखा।
तीन घंटे तक चले नाटक के बीच में तुलजा भवानी की जय के साथ ही हर हर महादेव की गूंज गूंजती रही। नाटक के माध्यम से कलाकारों ने हिंद स्वराज की स्थापना के लिए किए जाने वाले संघर्षों का मंचन किया। आसमान से गिरती ओस की बूंदों से ठंड का अहसास तो लोगों को हो रहा था, लेकिन कलाकारों ने अपनी कला से लोगों को ऐसे बांधे रखा कि लोग आयोजन स्थल को छोड़ नहीं पा रहे थे।
बीएचयू के एंफीथिएटर मैदान में सेवा भारती काशी प्रांत की ओर से 21 से 25 नवंबर तक होने वाले महानाट्य के शुभारंभ पर महामंडलेश्वर भवानीनंदन ने कहा कि ऐसे आयोजनों से शिवाजी महाराज के हिंदवी साम्राज्य के संकल्प की रोशनी समूचे संसार में फैलेगी। इस समय भारत में उस उत्साह के लहर की सुनामी आ चुकी है, जहां हिंदू समाज भगवान राम और शिवाजी के हिंदवी साम्राज्य से प्रेरणा लेकर गर्व से कहने लगा है कि हम हिंदू हैं। कहा कि 350 वर्षों बाद छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन का प्रत्यक्ष सरकार जाणता राजा महानाट्य के माध्यम से हो रहा है। इस दौरान जाणता राजा काशी प्रांत आयोजन समिति के अध्यक्ष अभय सिंह, काशी प्रांत सेवा भारती प्रांत अध्यक्ष राहुल सिंह, अनिल किंजवेकर, योगेश, डॉ. ज्ञान प्रकाश मिश्र, मुरली पाल, भास्करादित्य त्रिपाठी सहित वाराणसी, आसपास के जिले के विधायक, सांसद सहित अन्य लोग मौजूद रहे।