हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सर्व पितृ अमावस्या के दिन श्राद्ध पक्ष की आखिरी तिथि होती है। सर्वपितृ अमावस्या के मौके पर वाराणसी के घाटों पर सुबह से ही भारी भीड़ देखने को मिली।
आज सर्वपितृ अमावस्या है जो पूर्वजों को समर्पित होती है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सर्व पितृ अमावस्या के दिन श्राद्ध पक्ष की आखिरी तिथि होती है, भक्त विभिन्न श्राद्धों का पालन करते हैं।
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पितृ विसर्जन
- फोटो : अमर उजाला
पितृ पक्ष का समापन 25 सितंबर को आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि अर्थात सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या को होगा। सर्व पितृ अमावस्या पर पूर्वजों से समृद्धि, कल्याण और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए अनुष्ठान किया जाता है।
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सर्वपितृ अमावस्या पर घाट पर भीड़
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सर्वपितृ अमावस्या के मौके पर वाराणसी के घाटों पर सुबह से ही भारी भीड़ देखने को मिली।
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सर्वपितृ अमावस्या
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ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र ने बताया कि सर्वपितृ अमावास्य पर अनुष्ठान करने वाले भगवान यम का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और परिवार के सदस्यों को किसी भी तरह की बुराइयों या बाधाओं से बचाने के लिए प्रार्थना करते हैं।
इस आध्यात्मिक दिन पर, ऐसा माना जाता है कि पूर्वज पर्यवेक्षकों के स्थानों पर जाते हैं और यदि सभी श्राद्ध-अनुष्ठान नहीं किए जाते हैं तो वे दुखी होकर वापस चले जाते हैं।