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संत रविदास जयंती: सीरगोवर्धन में रैदासियों का जमावड़ा, नजर आ रहा सेवा और समर्पण का भाव

Sat, 27 Feb 2021 05:40 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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संत रविदास के दर पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रियंका गांधी। - फोटो : अमर उजाला
संत शिरोमणि संत रविदास के सपनों का गांव बेगमपुरा आज सजाधजा हुआ है। गुरु रविदास महाराज की 644वीं जयंती पर सीरगोवर्धन में कई राजनेताओं ने मत्था भी टेका। संत निरंजन दास ने वहां आने वाले सभी लोगों को आशीर्वाद दिया। संत निरंजन दास जब अपने अनुयायियों का हाल-चाल लेने मेला क्षेत्र में निकले तो पूरा क्षेत्र रविदास शक्ति अमर रहे, जो बोले सो निर्भय और सदगुरु महाराज की जय के जयकारों से गूंज उठा।

सीरगोवर्धन में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव करीब दो बजे संत रविदास मंदिर में मत्था टेका। इसके पहले केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी संत रविदास के दर पर पहुंचे। भीम आर्मी प्रमुख चंद्र शेखर आजाद ने भी पहुंचकर आशीर्वाद लिया। देखें अगली स्लाइड्स...।
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- फोटो : अमर उजाला
रविदास जयंती की सीर गोवर्धन में संगत और पंगत की रंगत निखर उठी। जगह-जगह सेवा और समर्पण के नजारे आम हैं। एक तरफ रविदास मंदिर में भक्तों की लंबी कतार लगी तो दूसरी ओर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सेवादारों भी मुस्तैद हैं। कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर रहे हैं। गुरुचरणों की रज पाने के लिए भक्तों की भावनाएं उफान मार रही थीं।
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संत रविदास के विग्रह पर नए वस्त्र चढ़ाने वाले भक्तों की लंबी कतार दिखी। उन्होंने बताया कि ये कपड़े पंजाब में उन लोगों के बीच प्रसाद के तौर पर वितरित किए जाएंगे तो कोरोना संक्रमण के कारण से यहां नहीं आ सके हैं। रविदास मंदिर के द्वार और मंदिर के साथ सेल्फी लेने वालों की भी होड़ लगी रही। संत निरंजन दास ने संतों की टोली केसाथ सत्संग स्थल समेत संपूर्ण मेला क्षेत्र का जायजा लिया। श्रद्धालु जगह-जगह खड़े होकर अपने स्थान से ही दंडवत होकर अपने गुरु की अगवानी कर रहे थे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए पहली बार गुरू और श्रद्धालुओं के बीच यह फासला रखा गया था।

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मंदिर में चल रहा भजन-कीर्तन। - फोटो : अमर उजाला
भजन कीर्तन से हुआ गुलजार 
भक्तों के निवास कैंप के बाहर भजन कीर्तन का दौर भी चलता रहा। कहीं कीर्तन तो कहीं पंडवानी तो कहीं लोकगीतों के जरिए गुरु के गुणों का बखान करते हुए श्रद्धालु नाच गा रहे थे। हर साल के मुकाबले दुकानों की संख्या कम होने के बाद भी मेले में शायद ही कोई ऐसी दुकान हो जहां रखरीदारों की भीड़ न हो। जूतियों, कपड़ों, साडिय़ों, सलवार सूट, शृंगार के साजोसामान से लेकर खिलौनों और चाट पकौड़े की दुकानों पर जमकर खरीददारी हो रही थी।
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मंदिर के बाह लाइन लगाकर खड़े भक्त। - फोटो : अमर उजाला
दूसरों के जूते साफ करना ही सेवा 
मंदिर के ठीक सामने वाली गली में जूता स्टैंड बना है। इस स्टैंड पर लोग धूल में सने जूते रख कर जा रहे हैं और जब लौट रहे हैं तो उनके जूते चमचमाते हुए मिल रहे हैं। जूता स्टैंड पर सेवा देने वाले भक्तों ने बताया कि दूसरों के जूते साफ करना भी धर्म का ही काम है। हम यह सेवा करके खुद को आनंदित महसूस कर रहे हैं।
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रैदासियों ने जलाए गुरु की याद में दीप, बिखरी पीली आभा 
संत रविदास पार्क में रैदासियों ने गुरु की याद में दीपदान किया। शुक्रवार की शाम को रैदासी भक्तों की टोली नगवां स्थित संत रविदास पार्क पहुंची। संत रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीपदान के बाद पूरा पार्क दीपों की रौशनी से जगमगा उठा। शुक्रवार को संत रविदास पार्क में रैदासियों का उत्साह देखने लायक था। गुरु की याद में दीपदान करने के बाद भजन कीर्तन करती हुई रैदासियों की टोली ने जमकर नृत्य भी किया। इसके साथ ही सांस्कृतिक आयोजन भी किए गए।
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संत रविदास मंदिर। - फोटो : अमर उजाला
तीर्थ मानकर करते हैं सेवा 
संत रैदास के भक्त सीर गोवर्धन स्थित जन्म स्थली को तीर्थस्थान मानते हैं। यहा न कोई बड़ा न कोई छोटा है। हर भक्त सेवादार की भूमिका निभाता है। यहा सेवा कर स्वयं को धन्य समझते हैं। एक सप्ताह के अटूट लंगर में सुबह से ही भीड़ शुरू हो जाती है।
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