मंदिर में चल रहा भजन-कीर्तन।
- फोटो : अमर उजाला
भजन कीर्तन से हुआ गुलजार
भक्तों के निवास कैंप के बाहर भजन कीर्तन का दौर भी चलता रहा। कहीं कीर्तन तो कहीं पंडवानी तो कहीं लोकगीतों के जरिए गुरु के गुणों का बखान करते हुए श्रद्धालु नाच गा रहे थे। हर साल के मुकाबले दुकानों की संख्या कम होने के बाद भी मेले में शायद ही कोई ऐसी दुकान हो जहां रखरीदारों की भीड़ न हो। जूतियों, कपड़ों, साडिय़ों, सलवार सूट, शृंगार के साजोसामान से लेकर खिलौनों और चाट पकौड़े की दुकानों पर जमकर खरीददारी हो रही थी।