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राकेश ने बिल्डर से कहा था उसके रहते रईस उसका कुछ बिगाड़ नहीं पाएगा, इसके बाद तो...

Sat, 15 Sep 2018 12:10 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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rais banarasi - फोटो : amar ujala
बनारस में शुक्रवार की शाम क्रॉस फायरिंग में 50 हजार के इनामी बदमाश रईस अहमद उर्फ रईस बनारसी (36) और राकेश अग्रहरि (32) मारे गए। रईस और राकेश कभी एक-दूसरे के जिगरी दोस्त हुआ करते थे। बताया जा रहा है कि राकेश अग्रहरि हाल के दिनों में जमीन की दलाली में तेजी से आगे बढ़ने के साथ ही जमीन विवादों की पंचायत में दिलचस्पी लेता था। लूट और हत्या के अलावा रईस जमीन विवाद की बड़ी पंचायतें सुलझाता था। इसके चलते रईस और राकेश के बीच कई बार तनातनी की बातें भी सुनने में आई थी। आगे की स्लाइड्स में देखें...

 
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rais banarasi - फोटो : amar ujala
तफ्तीश में जुटी पुलिस टीमों के अनुसार रईस ने एक बिल्डर को धमकी दे रखी थी कि उसे रंगदारी चाहिए नहीं तो जान से मार देगा। जमीन के धंधे में ब्रोकर का काम करने वाले राकेश ने बिल्डर को कह रखा था कि उसके रहते रईस उसका कुछ बिगाड़ नहीं पाएगा। इसके बाद तो राकेश को बाधक बनता देख रईस ने उसकी रेकी करना शुरू की। 

 
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रईस बनारसी - फोटो : amar ujala
शुक्रवार की शाम जानकारी मिली कि राकेश अपने घर के समीप ही खड़ा है तो रईस और उसका दोस्त मौके पर पहुंचे। दोनों ने फायरिंग की लेकिन राकेश के पिस्टल से निकली गोली रईस के लिए भारी पड़ गई। रईस की मौत से पुलिस के अलावा बनारस, इलाहाबाद और कानपुर के व्यापारियों, बिल्डरों और डॉक्टरों ने भी राहत की सांस ली है। रईस रंगदारी वसूलने के लिए कुख्यात था।

 

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rais banarasi - फोटो : amar ujala
लंगड़ा हाफिज मस्जिद के समीप से बरामद हुई होंडा शाइन बाइक पर कानपुर का नंबर है। पुलिस ने उसका पता कानपुर से कराया तो पता लगा कि बाइक पर दर्ज नंबर फर्जी हैं। दशाश्वमेध पुलिस बाइक को कब्जे में लेकर उसकी जांच कर रही है। वहीं, रईस प्रदूषण वाला मॉस्क चेहरे पर पहन कर आया था, जो पतालेश्वर स्थित वारदात स्थल पर पड़ा मिला। 

 
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rais banarasi - फोटो : amar ujala
एसएसपी ने बताया कि रईस कई आपराधिक मामलों का आरोपी था जबकि राकेश के खिलाफ जिले में दो मुकदमे ही दर्ज हैं। मुंबई में वह शायद में जेल में रहा है और उसका कोई आपराधिक रिकार्ड या किसी गैंग से जुड़े होने की बात सामने नहीं आई। गैंगवार में दोनों की मौत हुई, यह नहीं कहा जा सकता है।

 
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rais banarasi - फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर से लखनऊ जाने के 24 घंटे बाद ही शहर में सरेशाम हुई वारदात का लखनऊ में बैठे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी संज्ञान लिया। लखनऊ से फोन कर एसएसपी से वारदात की जानकारी ली गई। वारदात के दौरान एसपीजी के अधिकारी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर रहे थे। शहर के बीचोंबीच सरेशाम हुए दोहरे हत्याकांड को नई दिल्ली से आई केंद्रीय खुफिया इकाइयों ने भी गंभीरता से लिया है। 
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