काशी की गलियां अपने वास्तविक स्वरूप के साथ स्मार्ट हो रही है। ‘री-डेवलपमेंट ऑफ ओल्ड काशी योजना के तहत गलियों के रंग रोगन के साथ हाईटेक भी किया गया है। गलियों की दीवारों पर काशी की संस्कृति के अनुरूप चित्रकारी की गई है। सीवर,पानी की निकासी, तारों को अंडरग्राउंड करना, जैसे काम गलियों को स्मार्ट बनाने के लिए हुआ है।
गुरुवार को वाराणसी दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 68.24 करोड़ की लागत से पांच वार्डों की गलियों के हुए पुनर्विकास के कामों का उद्धघाटन किया। महादेव की नगरी के नाम से प्रचलित, देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी न केवल मंदिरों और अपने धार्मिक परंपराओं, घाटों के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि ये शहर गलियों के लिए भी जाना जाता है।
कहा जाता है शहर की आत्मा यहां की गलियों में बसती है। लिहाजा उन गलियों को कई करोड़ की लागत से संवारने का काम किया गया है। सौंदर्यीकरण के बाद ये गलियां पर्यटकों को खूब भा रही हैं।
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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत गलियों में हुए काम
- फोटो : अमर उजाला
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत दशाश्वमेध वार्ड में 16.22 करोड़, काल भैरव वार्ड में 16.24 करोड़, राजमंदिर वार्ड में 13.53 करोड़, जंगमबाड़ी वार्ड में 12 .65 करोड़ में और वीडीए की और से गढ़वासी टोला वार्ड 9.60 करोड़ की लागत से हाईटेक हो चुका है। दीवारों पर दो मीटर तक वॉल पेंटिंग की गई है।
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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत गलियों में हुए काम
- फोटो : अमर उजाला
चित्रकारी में उस वार्ड या क्षेत्र की विशेषताओं ,संस्कृति, धार्मिक आयोजन आदि को रंगों के माध्यम से दर्शाया जा गया है। गलियों में पड़ने वाले मंदिर या दूसरे धरोहरों को भी संजोया गया है।
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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत गलियों में हुए काम
- फोटो : अमर उजाला
काशी पुरातनता को सहेजे आधुनिकता के रंग में रंग रही है। नित नए विकास के सोपान को गढ़ रही है। बनारस को स्मार्ट सिटी घोषित किए जाने के बाद से गलियों के रूप-स्वरूप में काफी बदलाव आया है। सौंदर्य और स्थापत्य दोनों बदलें हैं। प्राचीनता को बरकरार रखते हुए आधुनिकता से तालमेल करके काशी की गालियां स्मार्ट हो गई है।
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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत गलियों में हुए काम
- फोटो : अमर उजाला
बनारस आने वाला हर पर्यटक गलियों से होकर जरूर गुजरता है। चाहे उसे बाबा विश्वनाथ के मंदिर जाना हो, काल भैरव मंदिर पहुंचना हो या फिर बनारसी साड़ी खरीदनी हो। गलियों के बिना बनारस की कल्पना संभव नहीं है।
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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत गलियों में हुए काम
- फोटो : अमर उजाला
पर्यटक एक तरफ जहां गंगा घाट पर सुकून की तलाश करते हैं तो वहीं गलियों में घूमकर बनारस को पहचानने की कोशिश करते हैं। शायद यही वजह है कि बनारस की इन गलियों को अब एक नए रूप में विकसित किया गया है।
पीएम ने किया विकास परियोजना का अवलोकन
- फोटो : एएनआई
दिसंबर में दो बार काशी आने के बाद अब प्रधानमंत्री एक बार फिर आठ जनवरी को अपने संसदीय क्षेत्र काशी में आएंगे। इस बार प्रधानमंत्री रोपवे संचालन के साथ ही कमिश्नरी में बन रहे सिग्नेचर बिल्डिंग सहित अन्य परियोजनाओं की सौगात दे सकते हैं।